Bihar Weather Update : बिहार में मौसम का मिजाज इन दिनों अजीब संतुलन पर टिका हुआ है। अधिकतम तापमान 31°C के आसपास अटका हुआ है, जिससे दिन में तेज धूप और हल्की गर्मी महसूस हो रही है, जबकि रात और सुबह के समय हल्की ठंडक बनी हुई है। फरवरी के आखिरी दिनों में इस तरह का तापमान लोगों को मार्च जैसी गर्मी का एहसास करा रहा है।
राजधानी पटना समेत कई जिलों में दोपहर के समय धूप चुभने लगी है। खुले मैदानों और सड़कों पर दोपहर में निकलना लोगों के लिए असहज हो रहा है। हालांकि सुबह और देर शाम चलने वाली हल्की हवा अभी भी राहत दे रही है। ग्रामीण इलाकों में किसान इस मौसम को फसलों के लिए अनुकूल मान रहे हैं, क्योंकि हल्की ठंडक गेहूं और दलहन की फसल के लिए लाभकारी मानी जाती है।
मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल तापमान में बहुत अधिक उतार-चढ़ाव की संभावना नहीं है। अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 14 से 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का खास असर फिलहाल बिहार पर नहीं पड़ रहा है, इसलिए मौसम शुष्क और साफ बना रहेगा।
दिन और रात के तापमान में इस अंतर के कारण लोगों को सेहत के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। सुबह-शाम हल्की ठंड और दिन में गर्मी से सर्दी-खांसी और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में हल्के सूती कपड़े दिन में और शाम को हल्का गर्म कपड़ा पहनना बेहतर रहेगा। साथ ही पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है, क्योंकि शरीर में पानी की कमी जल्दी होने लगती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मार्च के दूसरे सप्ताह से गर्मी का असर और तेज हो सकता है। तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में कूलर और एसी की जरूरत महसूस होने लगेगी। अभी से बाजारों में पंखे, कूलर और एसी की मांग बढ़ने लगी है। दुकानदारों के अनुसार, पिछले साल की तुलना में इस बार गर्मी जल्दी दस्तक दे रही है, जिससे बिक्री में तेजी आने की उम्मीद है।
गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की खपत में भी इजाफा होना तय माना जा रहा है। जैसे-जैसे लोग कूलर और एसी का इस्तेमाल शुरू करेंगे, बिजली बिल में बढ़ोतरी स्वाभाविक है। ऊर्जा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, हर साल मार्च के मध्य से बिजली की मांग तेजी से बढ़ती है। इस बार भी ऐसी ही संभावना जताई जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में जहां अभी भी पंखों का उपयोग सीमित है, वहां भी तापमान बढ़ने पर स्थिति बदल सकती है। शहरों में अपार्टमेंट और बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोग दिन में एसी चलाने लगे हैं। हालांकि अभी रात में पंखा बंद कर सोने की स्थिति बनी हुई है।
कुल मिलाकर बिहार में मौसम एक संक्रमण काल से गुजर रहा है। ठंड लगभग विदा ले चुकी है, लेकिन पूरी तरह से गर्मी ने भी कब्जा नहीं जमाया है। आने वाले दिनों में तापमान स्थिर रहने के संकेत हैं, लेकिन मार्च के दूसरे हफ्ते से मौसम करवट ले सकता है। ऐसे में लोगों को अभी से तैयारी कर लेनी चाहिए—चाहे वह स्वास्थ्य की सावधानी हो या बिजली बिल के बढ़ते बोझ के लिए बजट की योजना।
फिलहाल 31°C पर टिका यह तापमान लोगों को यह संकेत दे रहा है कि अब सर्दी के दिन गिने-चुने रह गए हैं और गर्मी की दस्तक बस कुछ ही दिनों की दूरी पर है।






