Bihar Weather: बिहार में आजकल मॉनसून का दोहरा रुख देखने को मिल रहा है। अब मौसम विज्ञान केंद्र, पटना ने 22 जुलाई को राज्य के दक्षिणी और पूर्वी जिलों के लिए भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं (30-40 किमी/घंटा) का येलो अलर्ट जारी किया है। पटना, नालंदा, भोजपुर, बेगूसराय, गया, नवादा, जमुई, शेखपुरा, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास, कोसी, और सीमांचल क्षेत्रों में तेज बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। लोगों को खेतों में काम करने, बिजली के खंभों के पास खड़े होने और खुले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। पक्के मकानों में शरण लेने और यात्रा टालने का सुझाव दिया गया है।
इसके विपरीत भागलपुर में मॉनसून की बारिश थमने के बाद सूरज की तीव्र किरणों ने जनजीवन को प्रभावित किया है। सोमवार, 21 जुलाई को अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटों में 7 डिग्री की वृद्धि दर्शाता है। 83% आद्रता और 6.1 किमी/घंटा की पूर्वा हवा के कारण उमस और चुभती धूप ने लोगों को परेशान किया है। बिहार कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक भागलपुर में तेज बारिश की संभावना नहीं है, हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन उमस और गर्मी से राहत की उम्मीद कम है।
उत्तर बिहार के जिले जैसे पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, मधुबनी, दरभंगा और शिवहर में मौसम सामान्य रहने की संभावना है। हालांकि, गंगा, कोसी, गंडक और पुनपुन नदियों के उफान के कारण बाढ़ का खतरा बना हुआ है। पटना के दियारा, मनेर, दानापुर और फतुहा में जलजमाव की स्थिति बनी हुई है।
मौसम विभाग ने लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी है। पटना में 21 जुलाई को अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 25.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि गया में 32.2 डिग्री और नालंदा में 31.1 डिग्री दर्ज किया गया। जिला प्रशासन ने बाढ़ और वज्रपात की आशंका को देखते हुए हाई अलर्ट जारी किया है। SDRF और NDRF टीमें तैनात हैं और नदियों के तटबंधों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है। भागलपुर के लोग मॉनसून की अगली बारिश का इंतजार कर रहे हैं, ताकि उमस और गर्मी से उन्हें थोड़ी राहत मिल सके।






