Bihar News: बिहार विधान परिषद में जो हुआ, आज तक किसी सदन नेता के साथ नहीं हुआ था. अब तक नेता प्रतिपक्ष यह आरोप लगाते थे कि उनकी माइक बंद कर दी जाती है. यहां तो सदन नेता की माइक ही बंद करा दी जा रही है. बिहार विधान परिषद में आज वो ऐतिहासिक घटनाक्रम हुआ जब नीतीश कुमार की माइक ही बंद हो गई. सदन में उनके बोलने के दौरान माइक की आवाज बंद हो गई. इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने सवाल खड़े किए हैं.
सदन नेता की भी माइक हो गई बंद
विधानसभा-परिषद में मुख्यमंत्री सदन का नेता होता है. वहीं संसद में प्रधानमंत्री सदन नेता होते हैं. मुख्यमंत्री जब भी चाहें सदन में अपनी बात रख सकते हैं. जितनी देर चाहें वे बोल सकते हैं. सदन नेता की माइक बंद नहीं की जाती है. आपने सुना भी नहीं होगा कि सदन नेता बोल रहे हों और उनकी माइक ही बंद कर दी जाय. लेकिन यह ऐतिहासिक घटनाक्रम बिहार में हुआ. जब सदन नेता के तौर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्षी सदस्यों पर हमलावर थे, वे पूरे तेवर में थे, तभी उनकी माइक को बंद करा दिया गया. माइक बंद कराने में सत्ता पक्ष के सदस्य ही एक्टिव नजर आ रहे थे.
हंगामा देख आपा खो बैठे सदन नेता
दरअसल, बजट सत्र के पांचवे दिन विधान परिषद की कार्यवाही शुरू हुई. प्रश्नकाल शुरू होते ही राजद सदस्य नीट छात्रा मामला, पप्पू यादव की गिरफ्तारी और कानून व्यवस्था पर सरकार को घेर रहे थे. विपक्षी सदस्य वेल में आकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे. इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी सदन में पहुंच गए. विपक्षी सदस्यों के वेल में आकर प्रदर्शन करते देख, नीतीश कुमार हत्थे से उखड़ गए। हंगामा होते देख सदन नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी सीट पर खड़े हो गए और नेता विरोधी दल राबड़ी देवी को निशाने पर लिया.
बेचैनी में दिखे जेडीयू एमएलसी संजय गांधी
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदन में जोर-जोर से बोलने लगे. जैसे ही मुख्यमंत्री बोलने के लिए खड़े हुए, सत्ता पक्ष एक्टिव हो गया. ट्रेजरी बेंच की दूसरी कतार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ठीक पीछे बैठे जेडीयू विधान पार्षद संजय गांधी बेचैन हो उठे. बेचैनी इस कदर थी कि मुख्यमंत्री के बोलने के दौरान ही वे अपनी सीट से उठकर नीतीश कुमार के समीप जाकर खड़े हो गए. चूंकि सदन की कार्यवाही का लाइव प्रसारण हो रहा था, लिहाजा वे खुद से माइक बंद नहीं कर सकते थे. लिहाजा इशारा किया जाने लगा कि मुख्यमंत्री की आवाज को म्यूट कर दिया जाय. क्षण भर की बेचैनी के बाद फिर वे अपनी सीट की तरफ मुड़े, आकर सीट पर बैठे. इसी दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जो सदन में खड़े होकर विपक्ष पर हमलावर थे, उनकी माइक बंद करा दी गई। इशारा हुआ कि अब माइक बंद है. इस तरह से मुख्यमंत्री की आावाज को सेंसर कर दिया गया. आसन पर बैठे उप सभापति ने भी मामले को आगे बढ़ाते हुए,1मिनट में दूसरे कार्य निबटाये गए, फिर सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई. मुख्यमंत्री की माइक को बंद किए जाने पर राजद सदस्यों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. राजद सदस्य सुनील सिंह ने कहा है कि किसके इशारे पर मुख्यमंत्री की माइक को बंद किया गया, इसकी जांच होनी चाहिए।
ई जो लड़की हैं (राबड़ी देवी के तरफ इशारा करते हुए) वह क्या जानती है?
विधान परिषध में हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों पर आपा खोते हुए सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि तुम लोग कुछ किए हो सिर्फ हल्ला करना जानते हो.यह तीन लोग जो महिला है वह हल्ला कर रही है, वह क्या जानती है वह कुछ जानती भी है ? ई जो लड़की हैं (राबड़ी देवी के तरफ इशारा करते हुए) वह क्या जानती है?
सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि आज तक उस तरफ के लोग यानी राजद के लोग ने कभी किसी महिला को बढ़ावा दिया है। कभी किसी महिला के लिए कोई काम किया है। हम लोग सबका साथ और सबका विकास के लिए काम कर रहे हैं और जो भी गड़बड़ करता है उसे पर एक्शन होता है। यह लोग भी बहुत हल्ला कर रहा है इन लोगों पर भी एक्शन लेना चाहिए।
इसके आगे नीतीश कुमार ने कहा कि - यह कोई तरीका है इसका क्या मतलब है इन लोगों ने कोई काम नहीं किया है और कितना बिहार आगे और बढ़ने वाला है बिहार। इसलिए जान लीजिए इन लोगों का कोई मतलब नहीं है सब फालतू हल्ला कर रहा है।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने हर क्षेत्र में कार्य किया है और बिहार को विकसित करने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है। चाहे वह महिला सशक्तिकरण हो, शिक्षा, स्वास्थ्य या विकास के अन्य क्षेत्रों में काम हो, सबका ध्यान रखा गया है। इसके विपरीत विपक्षी दलों के लोग सिर्फ शोर मचाने और अवरोध पैदा करने में लगे रहते हैं।





