Bihar News: बिहार राज्य चीनी निगम के 4180 कर्मियों को अब तक बकाया वेतन और अन्य भत्तों का भुगतान नहीं हो सका है। अब राज्य सरकार इन कर्मियों के बकाये के भुगतान के लिए अपने स्तर से पहल करने जा रही है। गन्ना उद्योग विभाग ने इस संबंध में एक अलग कार्ययोजना तैयार की है, जिसके तहत छूटे हुए कर्मियों की दोबारा पहचान की जाएगी। इसके लिए विभाग विज्ञापन प्रकाशित करने पर भी विचार कर रहा है।
बिहार राज्य चीनी निगम में कुल 15,481 कर्मचारी कार्यरत थे। वर्ष 1990 के दशक में निगम की सभी चीनी मिलें बंद हो गईं, जिसके बाद कर्मियों को वेतन और अन्य सुविधाओं का भुगतान भी बंद हो गया। समय के साथ कर्मचारियों का बकाया बढ़ता चला गया। इस मुद्दे को लेकर कर्मचारियों ने आंदोलन किया और मामला अदालत तक पहुंचा, लेकिन लंबे समय तक भुगतान नहीं हो सका।
नीतीश सरकार के गठन के बाद कर्मचारियों के बकाये भुगतान का निर्णय लिया गया। इसके तहत कुल 294.73 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई, जिसमें से 5 करोड़ रुपये पीएफ मद में दिए गए। अब तक 11,301 कर्मियों को 226.48 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, लेकिन 4,180 कर्मियों के बकाये का भुगतान अब भी लंबित है।
अब शेष बचे कर्मियों के भुगतान को लेकर नई योजना बनाई जा रही है। वहीं, ईंखायुक्त अनिल झा ने कहा कि सरकार चीनी निगम के सभी कर्मचारियों के बकाये भुगतान को लेकर गंभीर है। शेष बचे पात्र कर्मचारियों या उनके परिजनों को उनका हक दिलाने के लिए विभाग स्तर पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है और जल्द ही भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास किया जाएगा।





