Bihar News: बिहार की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं और इसी कड़ी में सारण की होनहार बेटी कुमारी अनीषा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। अपनी कड़ी मेहनत, लगन और कला के दम पर उन्होंने पहले राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई और अब वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर कत्थक का जलवा बिखेरने जा रही हैं। यह उपलब्धि न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे बिहार के लिए गर्व की बात है।
दिव्य युवा मंच के तत्वावधान में ऐलनाबाद में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय “अंतर्राष्ट्रीय युवा विकास सम्मेलन-5” में अनीषा को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। इस कार्यक्रम में देश के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ करीब 10 देशों के प्रतिभागी शामिल होंगे। ऐसे बड़े मंच पर अनीषा अपनी कत्थक प्रस्तुति से भारतीय संस्कृति की खूबसूरती दुनिया के सामने रखेंगी।
इस सम्मेलन का मकसद अलग-अलग देशों और राज्यों के युवाओं के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करना है। ऐसे में अनीषा की प्रस्तुति सिर्फ एक डांस परफॉर्मेंस नहीं होगी, बल्कि यह बिहार की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने का एक बड़ा मौका भी बनेगी।
कुमारी अनीषा की खासियत उनकी कत्थक शैली में झलकती है, जिसमें भाव, लय और अभिव्यक्ति का बेहतरीन तालमेल देखने को मिलता है। उनकी प्रस्तुति दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती है, यही वजह है कि उन्हें लगातार बड़े मंचों पर बुलाया जा रहा है।
अनीषा इससे पहले भी कई बड़े आयोजनों में अपनी कला का प्रदर्शन कर चुकी हैं। उन्होंने नीतीश कुमार के सामने दो बार अपनी प्रस्तुति दी, जिसे खूब सराहा गया। इसके अलावा महामहिम राज्यपाल आरिफ मोहम्मद के सामने भी उन्होंने भिखारी ठाकुर जयंती के मौके पर शानदार प्रस्तुति देकर सबका दिल जीत लिया था।
हाल ही में महेंद्र मिश्र जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने सांसद मनोज तिवारी के साथ मंच साझा किया। यह उनके करियर का एक अहम पड़ाव रहा, जिसने उन्हें और अधिक पहचान दिलाई।
अनीषा की इस सफलता से उनके परिवार और गुरुजन बेहद खुश हैं। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, गुरु और भगवान को दिया है। उनका कहना है कि वह आगे भी इसी तरह मेहनत करती रहेंगी और देश-प्रदेश का नाम रोशन करेंगी।
आज के समय में जब युवा तेजी से आधुनिकता की ओर बढ़ रहे हैं, ऐसे में अनीषा जैसी प्रतिभाएं भारतीय शास्त्रीय नृत्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का काम कर रही हैं। उनकी यह सफलता न सिर्फ गर्व की बात है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए एक बड़ी प्रेरणा भी है।
छपरा से पवन कुमार सिंह रिपोर्ट





