Bihar News: बिहार के सहरसा जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। बलवाहाट थाना क्षेत्र के चपराव गांव में दो दिनों से लापता 16 वर्षीय किशोर का शव उसके घर के पास स्थित पोखर में तैरता हुआ मिला। इस घटना से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे गांव में शोक का माहौल बन गया है। सबसे दर्दनाक बात यह रही कि पोते की मौत की खबर सुनते ही दादा भी इस सदमे को सहन नहीं कर सके और उनकी भी जान चली गई।
मिली जानकारी के अनुसार, चपराव गांव निवासी भूपेंद्र सादा का पुत्र शिवधन कुमार घर से खेलने के लिए निकला था। शुरुआत में परिजनों ने सोचा कि वह आसपास ही होगा और थोड़ी देर में वापस आ जाएगा, लेकिन देर शाम तक जब वह घर नहीं लौटा तो परिवार की चिंता बढ़ने लगी। इसके बाद परिजनों ने अपने स्तर पर गांव और आसपास के इलाकों में उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।
रात होने के बाद भी जब शिवधन का कोई पता नहीं चला, तो परिजनों की बेचैनी और बढ़ गई। अगले दिन गांव के लोगों की मदद से भी उसकी खोजबीन की गई, लेकिन हर प्रयास बेकार साबित हुआ। अंततः उसके पिता ने बलवाहाट थाना में आवेदन देकर अपने बेटे की बरामदगी की गुहार लगाई। पुलिस मामले की जांच में जुट ही रही थी कि इसी बीच गांव में अचानक हलचल मच गई।
कुछ ग्रामीणों ने घर के पास स्थित पोखर में एक शव को तैरते हुए देखा। यह खबर तेजी से फैल गई और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। जब शव को नजदीक से देखा गया, तो उसकी पहचान लापता किशोर शिवधन कुमार के रूप में हुई। यह दृश्य बेहद दर्दनाक था। जैसे ही यह खबर परिवार तक पहुंची, वहां चीख-पुकार मच गई। मां और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, जिससे पूरा माहौल गमगीन हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी की गई और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है कि यह हादसा है या इसके पीछे कोई और कारण है।
घटना के बाद कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। सभी ने परिवार को ढांढस बंधाया और प्रशासन से उचित मुआवजा देने की मांग की। स्थानीय विधायक ने भी गहरा दुख जताते हुए परिवार को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया।
इस घटना ने परिवार को उस समय और भी ज्यादा तोड़ दिया, जब शिवधन के दादा बंगाली सादा (65 वर्ष) की भी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पोते के लापता होने के बाद से ही उनकी तबीयत खराब चल रही थी। जैसे ही उन्हें यह पता चला कि उनके पोते का शव पोखर में मिला है, वे इस सदमे को सहन नहीं कर सके और उन्होंने भी दम तोड़ दिया।






