Bihar Road Project: बिहार की कई ऐसी सड़क परियोजना है जिसकी स्वीकृति काफी पहले मिल गई लेकिन उसका टेंडर नहीं निकला. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की नजर अब बिहार की उन परियोजनाओं व आरओबी पर है. एमओआरटीएच ने बिहार से जुड़ी ऐसी परियोजनाओं की लिस्ट पथ निर्माण विभाग को भेजी है, जिन पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में उच्च स्तरीय बैठक होगी।
जिन परियोजनाओं की सूची MORTH ने पथ निर्माण विभाग को भेजी है, उनमें पहले नंबर पर समस्तीपुर-दरभंगा रोड पर मुक्तापुर और किशनगंज के बीच रेल ओवर ब्रिज का निर्माण है। इस आरओबी के निर्माण की प्रकृति में बदलाव होने की वजह से निर्माण आगे नहीं बढ़ रहा। दूसरा मामला एनएच 333 ए के तहत 72 वें किमी से लेकर 134 वें किमी तक मानगोबंदर , केंदुआ, झाझा, नरगंजो से लेकर बिहारीगंज बाईपास निर्माण का है।सड़क का पेच पहले चरण के वित्तीय मंजूरी नहीं होने की वजह से अटक गया है। इस सड़क की चौड़ाई को भी कम कर दिया गया है।
लिस्ट में भागलपुर से ढ़ाका मोड़ की फोर लेन सड़क
एक योजना भागलपुर से ढाका मोड़ तक 36.6 किमी फाेर लेन सड़क निर्माण का है। इस प्रोजेक्ट को भी अभी पहले चरण की वित्तीय स्वीकृति नहीं मिली है। अरवल जिले के किंजर में भी एक पुल निर्माण का मामला लंबित है। भागलपुर में भी एक मेगा ब्रिज का निर्माण पहले चरण की वित्तीय स्वीकृति का इंतजार कर रहा है। मुसरीघरारी- दरभंगा सेक्शन में एक फोर लेन आरओबी भी अभी निविदा में नहीं आ सका है। कटिहार में बाईपास के निर्माण को भी स्वीकृति है पर एलायनमेंट में बदलाव की वजह से प्रस्ताव को परिवर्तित किया जा रहा।





