Bihar News: सरकार को चैलेंज देने वाले राजस्व अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ सख्ती बढ़नी शुरू हो गई है. घूस लेते गिरफ्तार किए गए राजस्व अधिकारियों को 15 अप्रैल तक बर्खास्त करने को कहा गया है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री सह डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने 30 मार्च को समीक्षा बैठक की थी. जिसमें रिश्वत लेते गिरफ्तार किए गए राजस्व कर्मचारियों का केस डिस्पोजल नहीं होने पर खेद व्यक्त किया गया. इसके बाद विभाग के प्रधान सचिव ने सभी जिलों के डीएम को पत्र लिखकर मार्गदर्शन किया है.
सी.के. अनिल ने सभी डीएम को भेजा पत्र
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने इस संबंध में सभी जिलों के डीएम को पत्र लिखा है. सरकार के निर्देश में कहा गया है कि पूर्व में भी नियंत्री प्राधिकार (Cadre Controlling Auothority) के पद की शक्तियों का उपयोग करते हुए रिश्वत लेते गिरफ्तार ( trap) मामलों के त्वरित निष्पादन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किये गये थे. पटना, शिवहर एवं वैशाली के समाहर्ता (DM) को स्पष्ट निर्देश दिये गये थे .
घूसखोरों की बर्खास्तगी नहीं होने पर विजय सिन्हा ने जताई नाराजगी
सरकार के प्रधान सचिव ने कहा है कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री ने 30 मार्च को समीक्षा की. जिसमें केस डिस्पोजल नहीं होने पर खेद व्यक्त किया गया. सरकार के करप्शन पर Zero टॉलरेंस नीति के बावजूद पटना को छोड़कर अन्य जिलों में समाहर्ता द्वारा नियुक्ति एवं अनुशासनिक प्राधिकार की शक्तियों का उपयोग उचित ढंग से नहीं किया. trap cases में कठोर दंड निर्धारित नहीं की गई है ।
जेल में बंद राजस्व कर्मचारी से अधीक्षक के माध्यम से मांगे जवाब
प्रधान सचिव ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि, राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता एवं Ease of Living, के क्रियान्वयन के क्रम में राजस्व हलका कर्मचारी द्वारा राशि की अवैध उगाही करना दंडनीय अपराध है. यह Prevention and Corruption Act में भी संज्ञेय अपराध है । कई जिलों के समाहर्ताओं ने इस संबंध में दूरभाष पर मार्गदर्शन माँगा है कि हलका कर्मचारी यदि बेउर जेल अथवा अन्य कारा में हैं तो विभागीय कार्यवाही का संचालन किस प्रकार से हो ?
सभी डीएम को पांच तरह के गाइडलाइन जारी किए गए
समहर्ताओं के मार्गदर्शन पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राजस्व कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर गाइड लाइन जारी किया है. अगर राजस्व कर्मचारी घूस लेने के आरोप में जेल में बंद हो तब, आरोप-पत्र का तामिला जेल अधीक्षक के माध्यम से किया जाएगा । आरोपी कर्मचारी का जवाब 15 दिनों की निश्चित समय-सीमा के अन्तर्गत जेल अधीक्षक के माध्यम से ही समाहर्ता के पास आएगा । संचालन पदाधिकारी (ADM) आरोपी पदाधिकारी के लिखित बचाव अभिकथन (written statement) पर विचार करते हुए गुण-दोष के आधार पर मुखर आदेश पारित करेंगे । इसके बाद समाहर्त्ता नियुक्ति प्राधिकार के रूप में ऐसे trap cases में दंड का अधिरोपण करेंगे । Trap cases में सेवा से बर्खास्तगी के अलावा और कोई दंड देना न्यायोचित नहीं होगा, फिर भी समाहर्ता अपने स्वयं के विवेक का इस्तेमाल करें ।
रिश्वतखोर राजस्व अधिकारियों को 15 अप्रैल तक करें बर्खास्त
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव ने सभी जिलाधिकारियों से कहा है कि सभी समाहर्ता, जहाँ हलका कर्मचारी trap case में रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किये गये हों, उन पर 15 अप्रैल, 2026 तक अंतिम आदेश पारित कर संवर्ग नियुक्ति प्राधिकार को सूचित करें.



