Bihar News: बिहार में गर्मी में बढ़ती बिजली की मांग और चार नई यूनिटों के विलंब के कारण बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इस बार भीषण गर्मी के दौरान राज्य में बिजली संकट से बचने के लिए सरकार ने ओपन मार्केट और डीप पोर्टल से बिजली खरीदने का निर्णय लिया है।
बिहार को इस साल नॉर्थ कर्णपुरा, बक्सर और बाढ़ की नई इकाइयों से 1820 मेगावाट बिजली मिलनी थी, लेकिन इनमें देरी के कारण वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। कंपनी ने आयोग को पहले ही याचिका देकर जानकारी दी थी और अब उसे मंजूरी भी मिल चुकी है।
सितंबर तक जरूरत के अनुसार बिजली की खरीद की जाएगी, जिसमें कंपनी को 9.68 से लेकर 9.84 रुपये प्रति यूनिट तक की कीमत चुकानी पड़ेगी। कभी-कभी ओपन एक्सचेंज से बिजली खरीदने पर यह दर 11-12 रुपये प्रति यूनिट तक भी पहुंच जाती है, जो सामान्य दर से लगभग दोगुनी है। फिर भी कंपनी का मानना है कि उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति देना प्राथमिकता है। इस वर्ष राज्य में बिजली की खपत 9000 मेगावाट तक पहुंचने की संभावना है। सामान्य दिनों में यह खपत लगभग 7000 मेगावाट रहती है।
सरकार और बिजली कंपनी पहले भी इसी तरह की खरीद करती रही हैं और इस बार भी जनता को राहत देने के लिए यही रास्ता चुना गया है। नया प्लान पूरी गर्मी बिजली कटौती से मुक्ति दिलाने में मदद करेगा।






