Bihar Road: राजधानी पटना से पूर्णिया तक की यात्रा को आसान और तेज बनाने के लिए बिहार में एक बड़ी बुनियादी परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे राज्य की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है, जो सीमांचल और कोसी क्षेत्र को राजधानी से सीधे और बेहतर तरीके से जोड़ने का काम करेगा। इस एक्सप्रेसवे के बन जाने के बाद यात्रा का समय लगभग आधा हो जाएगा और लोग 6 से 7 घंटे की दूरी को महज 3 घंटे में तय कर सकेंगे।
करीब 282 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे छह लेन का होगा और इसे पूरी तरह एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका मतलब है कि इस सड़क पर प्रवेश और निकास केवल निर्धारित स्थानों से ही होगा, जिससे यातायात सुचारु रहेगा और दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 18,000 करोड़ रुपये है और इसका निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा कराया जा रहा है। एक्सप्रेसवे की डिजाइन गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा कम समय में पूरी की जा सकेगी।
इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत वैशाली जिला के मिर्नगर अराजी क्षेत्र के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-22 से होगी और यह पूर्णिया के हांसदा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-27 तक पहुंचेगा। रास्ते में यह समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा और मधेपुरा जैसे जिलों से होकर गुजरेगा। इस तरह यह एक्सप्रेसवे उत्तर बिहार के बड़े हिस्से को एक मजबूत सड़क नेटवर्क से जोड़ देगा।
परियोजना के तहत बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें 21 बड़े पुल, 140 छोटे पुल, 11 रेलवे ओवरब्रिज, 21 इंटरचेंज और 32 अंडरपास बनाए जाएंगे। ये सभी संरचनाएं न केवल यातायात को सुगम बनाएंगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी आवाजाही को आसान करेंगी। इसके अलावा, एक्सप्रेसवे को पूर्णिया एयरपोर्ट से भी जोड़ा जाएगा, जिससे हवाई और सड़क यातायात के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा।
निर्माण की वर्तमान स्थिति पर नजर डालें तो वर्ष 2025 में इस परियोजना को अंतिम मंजूरी मिल चुकी है। फिलहाल भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से जारी है। कई हिस्सों में जमीन अधिग्रहण का काम अंतिम चरण में है, जबकि कुछ क्षेत्रों में अभी प्रक्रिया चल रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, जैसे ही भूमि अधिग्रहण पूरा होगा, निर्माण कार्य पूरी गति से शुरू कर दिया जाएगा।
अनुमान लगाया जा रहा है कि इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य 2026 के अंत तक शुरू हो सकता है। परियोजना को पूरा करने के लिए वर्ष 2028 का लक्ष्य तय किया गया है। अगर यह समयसीमा के अनुसार पूरा होता है, तो बिहार में यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
इस एक्सप्रेसवे के बनने से न केवल पटना और पूर्णिया के बीच की दूरी कम होगी, बल्कि इसका प्रभाव पूरे सीमांचल और कोसी क्षेत्र पर पड़ेगा। व्यापार, उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। बेहतर सड़क संपर्क के कारण निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे और रोजगार के साधनों में वृद्धि होगी।






