Bihar Crime News: बिहार के पटना जिले से एक बेहद ही संवेदनशील और चर्चा में रहने वाला मामला सामने आया है, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी है। भगवानगंज थाना क्षेत्र के खैनिया गांव में हाल ही में एक सड़क हादसे के बाद हुई हिंसा के कारण पुलिस ने एक साथ 73 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है।
सड़क हादसा और ग्रामीणों का गुस्सा
मामला 15 मार्च की शाम का है, जब खैनिया गांव में एक ट्रैक्टर की टक्कर से दो छोटे बच्चों की दर्दनाक और असामयिक मौत हो गई। इस घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने शवों को सड़क पर रखकर घंटों प्रदर्शन किया, जिससे इलाके का यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। स्थानीय प्रशासन को सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि उन्होंने पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया।
इस हमले में पुलिस के तीन जवान गंभीर रूप से घायल हुए। घायलों में अवर निरीक्षक नवनीत कुमार, सिपाही उमेश पासवान और गृह रक्षक धर्मेंद्र कुमार शामिल हैं। भीड़ के हमले में पुलिस के वाहन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। घटना को नियंत्रित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा और देर रात तक स्थिति को काबू में लाया गया।
73 लोगों पर FIR और नामजद आरोपी
घटना की प्राथमिक जांच में भगवानगंज थानाध्यक्ष सुजीत कुमार के बयान के आधार पर खैनिया गांव के 13 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। इनमें सिकंदर यादव, भोला उर्फ राहुल, आदिल, मिथिलेश कुमार, सचिन कुमार, बिन्ना कुमार, रणधीर कुमार और किशोर कुमार शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस ने 50-60 अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। पुलिस ने फिलहाल सिकंदर यादव को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी और तलाशी अभियान जारी है।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
खैनिया गांव के ग्रामीणों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि दो मासूम बच्चों की मौत से गुस्साई भीड़ ने सिर्फ विरोध प्रदर्शन किया था। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि इस प्रदर्शन में शामिल लोगों का उद्देश्य केवल हादसे के दुख और न्याय की मांग था, न कि किसी अपराध की नियत। ग्रामीणों का मानना है कि पूरे 73 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करना उचित नहीं है।
स्थिति पर पुलिस की सतर्कता
हालांकि फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य है, लेकिन पुलिस पूरी तरह सतर्क है और पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।






