Bihar News: राज्य के सभी प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को उद्यमी के तौर पर विकसित किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पैक्स व एफपीओ को आर्थिक मजबूती भी मिलेगी।
सोमवार को सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने पटना स्थित दीप नारायण सिंह क्षेत्रीय सहकारिता प्रबंधन संस्थान में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। उन्होंने प्रशिक्षण में शामिल प्रतिनिधियों से कहा कि सरकार पैक्सों को गोदाम और कॉमन सर्विस सेंटर जैसी कई सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि पैक्सों का जितना अधिक विस्तार होगा, उतना ही अधिक लाभ पैक्सों और समाज दोनों को मिलेगा।
विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सभी पैक्सों और एफपीओ को उद्यमी के रूप में विकसित करना है। इसके लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि पैक्स किसी एक व्यक्ति की संस्था नहीं है, बल्कि यह एक लोकतांत्रिक संस्था है। इसमें सामाजिक भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने की जरूरत है।
निबंधक रजनीश कुमार सिंह ने बताया कि विभाग के अधिकारियों द्वारा एक कार्य योजना तैयार की गई है, जिसके तहत ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने और आत्मनिर्भर गांव बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। इस अवसर पर नाबार्ड, बिहार के मुख्य महाप्रबंधक गौतम सिंह, बिहार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मनोज कुमार, रिशु रवि और विकास कुमार बरियार ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।




