Bihar News: बिहार में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत काम कर रहे हजारों संविदा कर्मियों के लिए सरकार ने बड़ी राहत भरी खबर दी है। होली से पहले राज्य सरकार ने उनके मासिक मानदेय में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। यह निर्णय स्वास्थ्य विभाग और बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से जारी आदेश के बाद लागू किया गया है।
क्या है नया आदेश?
बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति के अनुसार, NHM के तहत राज्य स्तर से लेकर जिला, प्रखंड और स्वास्थ्य उपकेंद्र स्तर तक कार्यरत सभी संविदा कर्मियों और पदाधिकारियों को उनके 1 सितंबर 2025 के वेतन आधार पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह अतिरिक्त राशि हर महीने तय रूप से उनके मानदेय में जोड़ी जाएगी। यानी कर्मचारियों को नियमित रूप से इसका लाभ मिलेगा।
साथ ही, 31 अगस्त 2025 के बाद नियुक्त नए कर्मियों को भी उनके एंट्री लेवल मानदेय के आधार पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त राशि दी जाएगी। इस तरह पुराने और नए दोनों तरह के संविदा कर्मी इस फैसले के दायरे में आएंगे।
किन्हें नहीं मिलेगा लाभ?
- हालांकि सरकार ने इस फैसले के साथ कुछ स्पष्ट शर्तें भी तय की हैं।
- जिन कर्मियों की सेवा समाप्त हो चुकी है या जिन्होंने स्वयं इस्तीफा दे दिया है, उन्हें इस बढ़ोतरी का लाभ नहीं मिलेगा।
- यह सुविधा केवल NHM के स्वीकृत पदों पर वर्तमान में कार्यरत संविदा कर्मियों के लिए लागू होगी।
- रोगी कल्याण समिति (RKS) या आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से कार्यरत कर्मियों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
- यानी यह बढ़ोतरी केवल उन्हीं कर्मियों को मिलेगी जो सीधे NHM के तहत संविदा पर कार्यरत हैं।
क्या यह स्थायी वेतन वृद्धि है?
सरकार ने यह भी साफ किया है कि यह 10 प्रतिशत बढ़ोतरी मूल वेतन में स्थायी रूप से नहीं जोड़ी जाएगी। इसका मतलब है कि भविष्य में होने वाली वार्षिक वेतन वृद्धि, लॉयल्टी बोनस या अनुभव बोनस की गणना इस अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि को जोड़कर नहीं की जाएगी।
अंडरटेकिंग देनी होगी
इस अतिरिक्त राशि का लाभ लेने वाले कर्मचारियों से एक अंडरटेकिंग ली जाएगी। इसमें यह उल्लेख होगा कि यदि गणना या भुगतान में किसी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है, तो अतिरिक्त दी गई राशि की वसूली कर्मचारी स्वीकार करेंगे।
कब से लागू होगा आदेश?
बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू होगा और 1 सितंबर 2026 से इसका वित्तीय लाभ दिया जाएगा।
कर्मियों के लिए कितना अहम है फैसला?
NHM के तहत काम करने वाले संविदा कर्मी लंबे समय से वेतन बढ़ोतरी और स्थायीकरण की मांग करते रहे हैं। ऐसे में 10 प्रतिशत की यह बढ़ोतरी उनके लिए आर्थिक राहत लेकर आई है। स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका निभाने वाले ये कर्मी गांव-गांव और दूरदराज के इलाकों में काम करते हैं। सरकार के इस फैसले से न केवल उन्हें आर्थिक सहयोग मिलेगा, बल्कि उनके काम के प्रति उत्साह और मनोबल भी बढ़ेगा।






