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Bihar News: कानून का दुरूपयोग करने वाले DM को पटना हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, पीड़ित को मुआवजा देने का भी आदेश जारी

Bihar News: पटना हाईकोर्ट ने डीएम के निर्वासन आदेश को गलत ठहराते हुए पीड़ित राकेश कुमार यादव को 1.10 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है..

Bihar News
प्रतीकात्मक
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Deepak KumarDeepak Kumar|
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Bihar News: पटना उच्च न्यायालय ने बिहार में निर्वासन कानून के दुरुपयोग पर कड़ा रुख अपनाते हुए सहरसा जिला प्रशासन को बड़ी फटकार लगाई है। न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद और न्यायमूर्ति सौरेंद्र पांडे की खंडपीठ ने एक व्यक्ति को उसके घर से 60 किलोमीटर दूर पुलिस थाने में प्रतिदिन दो बार हाजिरी लगाने के लिए मजबूर करने को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन माना। अदालत ने राज्य सरकार को पीड़ित राकेश कुमार यादव को एक महीने के भीतर 1.10 लाख रुपये मुआवजा देने का स्पष्ट आदेश दिया है।


दरअसल, सहरसा के जिला मजिस्ट्रेट ने 20 मई 2025 को राकेश कुमार यादव के खिलाफ बिना ठोस सबूत के निर्वासन आदेश जारी कर दिया था। इस आदेश में उन्हें दो महीने तक रोजाना सुबह-शाम बसनही थाने में हाजिरी देने को कहा गया था, जबकि यह थाना उनके घर से करीब 60 किलोमीटर दूर है। राकेश पर महिसी थाने में शराब बिक्री और एक सरकारी स्कूल परिसर में ऑर्केस्ट्रा आयोजन से जुड़े दो छोटे-मोटे मामले दर्ज थे, लेकिन इनसे जनता या राज्य को कोई गंभीर खतरा साबित नहीं हुआ था।


अदालत ने इसे बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम, 1981 के प्रावधानों का स्पष्ट दुरुपयोग माना, जिसका मकसद केवल खतरनाक असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाना है, न कि आम नागरिकों को परेशान करना। कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि ऐसे मनमाने आदेश संविधान प्रदत्त स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन हैं। साथ ही मुआवजे की राशि दोषी अधिकारियों, खासकर सहरसा डीएम से वसूलने का भी निर्देश दिया गया है।


इस महत्वपूर्ण फैसले की प्रति बिहार के गृह विभाग के प्रधान सचिव को सभी जिला मजिस्ट्रेटों तक भेजने को कहा गया है ताकि भविष्य में इस तरह की गलती दोहराई न जाए। अदालत का यह कदम राज्य में निर्वासन कानून के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में मिसाल बनेगा और आम नागरिकों को अनावश्यक उत्पीड़न से राहत मिलेगी।

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Deepak Kumar

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Deepak Kumar

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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