Bihar News: बिहार में बेरोजगारी और पलायन की समस्या को जड़ से उखाड़ने की दिशा में नीतीश कुमार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि आने वाले समय में राज्य में औद्योगिक विकास के लिए कुल 26,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसी के साथ केंद्र सरकार ने बिहार में तीन न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाने की तैयारी भी तेज कर दी है, यह ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक उन्नति को नई ऊंचाई देंगे। NPCIL और NTPC की संयुक्त टीम ने इसके लिए बांका, सिवान और नवादा के राजौली में सर्वे का काम शुरू कर दिया है।
इसके अलावा गया जिले के डोभी में 1,700 एकड़ में फैले इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर का शुभारंभ भी जल्द ही होने वाला है। इसी मॉडल पर 29 जिलों में 14,036 एकड़ भूमि पर 31 नए अत्याधुनिक औद्योगिक पार्क भी स्थापित किए जाएंगे। टेक्सटाइल, फार्मा सहित दस सेक्टर-विशेष पार्कों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री ने कहा है कि कानून का राज सुनिश्चित करने के साथ-साथ सभी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं ताकि निवेशक बिना किसी झंझट के उद्योग लगा सकें।
न्यूक्लियर प्लांट्स के लिए सर्वे में भूकंप प्रतिरोधक क्षमता, पानी की उपलब्धता, जमीन की स्थिति और आबादी घनत्व जैसे सभी पहलुओं की जांच हो रही है। केंद्र सरकार का लक्ष्य 2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा उत्पादन है, जिसमें बिहार की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। जॉइंट वेंचर अनुषक्ति विद्युत निगम लिमिटेड के तहत NPCIL (51%) और NTPC (49%) मिलकर प्लांट्स का निर्माण और संचालन करेंगे। रिपोर्ट जल्द सौंपी जाएगी, जिसके बाद निर्माण कार्य तेज होगा।
यह पहल लाखों नौकरियां पैदा करेगी और बिहार को ऊर्जा हब के रूप में स्थापित करेगी। उपमुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ये कदम बिहार के युवाओं को पलायन से मुक्ति दिलाएंगे। औद्योगिक विकास से राज्य की जीडीपी में इजाफा होगा और ग्रामीण इलाकों में भी समृद्धि आएगी। सरकार का यह संकल्प बिहार को विकसित भारत का मजबूत स्तंभ बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।






