Bihar News: बिहार के कोसी-सीमांचल क्षेत्र में मंगलवार, 20 मई 2025 को मौसम के बदले मिजाज ने तबाही मचा दी है। आकाशीय बिजली की वजह से तीन लोगों की जान जा चुकी है। सुपौल और अररिया जिलों में हुए इन हादसों में एक 11 वर्षीय बच्ची भी शामिल है। तेज बारिश और आंधी के बीच वज्रपात की घटनाओं ने लोगों में दहशत फैला दी है। इधर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मृतकों के परिजनों के लिए 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है, और मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है।
सुपौल जिले में दो अलग-अलग घटनाओं में वज्रपात ने दो परिवारों की खुशियां छीन ली। त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के गणेशपुर मलहनमा (वार्ड नंबर 08) में 21 वर्षीय रूपेश कुमार की मौत हो गई। सुबह वह बघला नदी के किनारे से लौट रहा था और घर के सामने आम के बगीचे में पहुंचा, तभी तेज गर्जना के साथ बिजली गिरी और वह उसकी चपेट में आ गया। परिजनों और ग्रामीणों ने उसे घर लाया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।
वहीं, दूसरी घटना करजाईन थाना क्षेत्र के बौराहा (वार्ड नंबर 04) में हुई, जहां 55 वर्षीय मो. मुस्तफा बाजार से दूध लेकर लौट रहे थे। सुबह करीब सात बजे अचानक बिजली गिरी, जिसकी तेज आवाज से गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने मुस्तफा को बेसुध पाया, लेकिन अस्पताल ले जाने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। दोनों मामलों में पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जबकि, अररिया जिले के फारबिसगंज में 11 वर्षीय साक्षी कुमारी की वज्रपात से दुखद मृत्यु हुई है। मंगलवार सुबह तेज हवा और बारिश के बीच साक्षी ने अपने टीन के घर में बकरी को खुला देखा और उसे बांधने गई। इसी दौरान ठनका गिरा, जिसकी चपेट में आने से साक्षी और दो बकरियां झुलस गईं। बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि साक्षी को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित किया गया। मौसम विभाग ने अररिया, सुपौल, और कोसी-सीमांचल के अन्य जिलों में वज्रपात का खतरा बरकरार रहने की चेतावनी दी है।






