ब्रेकिंग
मुजफ्फरपुर से लापता बंगाल का मजदूर 6 साल बाद पुणे में मिला, पुलिस ने ऐसे सुलझाई गुत्थीलखीसराय DM मिथिलेश मिश्र का तबादला, ADM नीरज कुमार को मिला अतिरिक्त प्रभारपूर्व DSP गौतम कुमार सस्पेंड: आय से अधिक संपत्ति मामले में सरकार की बड़ी कार्रवाई, गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना 25 लाख युवाओं को मुफ्त टैबलेट देगी सरकार, इन अनुबंधकर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी का फैसलाबिहार में फिर बदला मौसम का मिजाज: आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट, 12 जिलों के लिए चेतावनीमुजफ्फरपुर से लापता बंगाल का मजदूर 6 साल बाद पुणे में मिला, पुलिस ने ऐसे सुलझाई गुत्थीलखीसराय DM मिथिलेश मिश्र का तबादला, ADM नीरज कुमार को मिला अतिरिक्त प्रभारपूर्व DSP गौतम कुमार सस्पेंड: आय से अधिक संपत्ति मामले में सरकार की बड़ी कार्रवाई, गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना 25 लाख युवाओं को मुफ्त टैबलेट देगी सरकार, इन अनुबंधकर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी का फैसलाबिहार में फिर बदला मौसम का मिजाज: आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट, 12 जिलों के लिए चेतावनी

Bihar News: सदर अस्पताल में इमरजेंसी मरीज को स्ट्रेचर तक नसीब नहीं, परिजन उठाकर ले जा रहे वार्ड

Bihar News: खगड़िया सदर अस्पताल की लापरवाही, इमरजेंसी मरीज को नहीं मिला स्ट्रेचर, परिजनों को खुद उठाकर करना पड़ा भर्ती

Bihar News
इमरजेंसी मरीज को नहीं मिला स्ट्रेचर
© रिपोर्टर
Deepak KumarDeepak Kumar|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

Bihar News: एक बार फिर खगड़िया सदर अस्पताल की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां इमरजेंसी मरीज को स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। सड़क दुर्घटना में घायल एक युवक को इलाज के लिए इस अस्पताल लाया गया था, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराया। इस कारण परिजनों को मरीज को खुद उठाकर वार्ड तक ले जाना पड़ा।


इस वाकये के वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि स्ट्रेचर न मिलने के कारण परिजन मरीज को कैसे खुद ही ले जा रहे हैं। घायल मरीज की पहचान चुकती निवासी सुजीत कुमार के रूप में हुई है, जो सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था। उसे गंभीर हालत में सदर अस्पताल लाया गया, लेकिन स्ट्रेचर न मिलने के कारण परिजनों को उसे उठाकर इलाज के लिए भर्ती कराना पड़ा।


घायल के परिजनों ने बताया कि जब वे सदर अस्पताल पहुंचे, तो उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी वार्ड के पास एक स्टाफ को रखा गया है, लेकिन न तो स्टाफ मौजूद था और न ही स्ट्रेचर उपलब्ध कराया गया। मजबूरन उन्हें मरीज को खुद ही उठाकर ले जाना पड़ा।


हालांकि, बिहार सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन इस घटना से जमीनी हकीकत कुछ और ही सामने आती है। इस लापरवाही ने एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़े गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


अनिश कुमार की रिपोर्ट

इस खबर के बारे में
Deepak Kumar

रिपोर्टर / लेखक

Deepak Kumar

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें