Bihar News: पिता को हार्ट अटैक आने पर एक बेटी स्कूटी से आनन-फानन में उन्हें हॉस्पिटल ले आई। यह सोचकर कि समय से यदि अस्पताल पहुँच जाएगी तो उसके पिता को बचाया जा सकता है। लेकिन जब डॉक्टर ही खून के प्यासे हों तो फिर मरीज का बचना कहाँ से संभव होगा। ऐसा ही मामला गया से सामने आया है। जहाँ शख्स की मौत के बाद भी डॉक्टर दवाइंया लिख रहे थे।
गया शहर के एपी कॉलोनी स्थित शुभकामना हॉस्पिटल में इस हार्ट मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया, मृतक की पहचान रामपुर थाना क्षेत्र के हनुमान नगर के रहने वाले अरुण यादव के रूप में हुआ है। हार्ट में समस्या आने के बाद उनकी बेटी ने उन्हें स्कूटी पर बिठाया और शुभकामना अस्पताल ले आई।
लेकिन इलाज के दौरान उसके पिता की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया है। परिजनों ने बताया कि उनसे 3 लाख रुपए भी ले लिए गए, और जब उन्होंने मरीज को पटना रेफर करने के को कहा तो डॉक्टरों का कहना था कि "मरीज ठीक है।" उनका यह भी आरोप है कि डॉक्टर रात भर गायब थे और कंपाउंडर के सहारे मरीज को छोड़ दिया गया था।
इसके अलावा जब परिजनों ने उनसे मिलना चाहा तो उन्हें रोका गया। फिर ये लोग जबरदस्ती मरीज के कमरे में गए तो देखा कि वह मर चुके थे। आरोप यह भी है कि अरुण यादव की मौत के बाद भी दवाइयां लिखी जा रहीं थी। इस घटना की सूचना के बाद रामपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर रामपुर थाने में मामला दर्ज कराया है। शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया है। आगे की कार्रवाई जारी है।
रिपोर्ट: नितम राज, गया






