Bihar News: बिहार के भागलपुर में एक बार फिर पुलिस की मानवता देखने को मिली है। विक्रमशीला सेतु पर एक महिला अपने छोटे बच्चे के साथ आत्महत्या करने की कोशिश कर रही थी, तभी संयोग से ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहे एक दरोगा की नजर उस पर पड़ गई। तत्परता और सूझबूझ दिखाते हुए दरोगा ने अपनी जान की परवाह किए बिना महिला को समझाया और काफी देर तक हाथ जोड़कर उसे कूदने से रोकने की कोशिश की। आखिरकार कई घंटों की मशक्कत के बाद महिला और उसके बच्चे को सुरक्षित बचा लिया गया।
जानकारी के अनुसार, नवगछिया में तैनात 112 पुलिस टीम में शामिल दरोगा सिकंदर कुमार ड्यूटी समाप्त करने के बाद भागलपुर लौट रहे थे। इसी दौरान विक्रमशीला सेतु पर उन्होंने देखा कि एक महिला रेलिंग के पास खड़ी होकर नीचे छलांग लगाने की कोशिश कर रही है। महिला का एक पैर रेलिंग में फंसा हुआ था और गोद में उसका छोटा बच्चा भी था। स्थिति को भांपते हुए दरोगा तुरंत रुके और महिला से बात करना शुरू किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दरोगा सिकंदर कुमार महिला के सामने घंटों तक हाथ जोड़कर उसे समझाते रहे। उन्होंने महिला को परिवार, बच्चे के भविष्य और जीवन के महत्व के बारे में बताया। इस दौरान आसपास के लोग भी जुट गए, लेकिन महिला काफी तनाव में थी और लगातार रो रही थी। दरोगा की लगातार कोशिशों के बाद आखिरकार महिला ने हिम्मत जुटाई और पीछे हटी, जिसके बाद दरोगा ने स्थानीय लोगों की मदद से महिला और बच्चे को सुरक्षित पकड़ लिया।
बाद में महिला की पहचान परबत्ता थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव निवासी सौरव कुमार यादव की पत्नी हीरा देवी के रूप में हुई। प्रारंभिक पूछताछ में महिला ने बताया कि घरेलू विवाद से परेशान होकर वह आत्महत्या करने की नीयत से विक्रमशीला सेतु पहुंची थी। तनाव की स्थिति में उसने अपने बच्चे के साथ कूदने का फैसला कर लिया था।
घटना की सूचना मिलने के बाद बरारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और महिला व बच्चे को अपने संरक्षण में लिया। पुलिस ने परिजनों को भी इसकी जानकारी दी और काउंसलिंग की व्यवस्था की जा रही है। स्थानीय लोगों और परिजनों ने दरोगा सिकंदर कुमार की तत्परता और मानवता की जमकर सराहना की है। समय रहते की गई इस पहल से दो मासूम जिंदगियों को नया जीवन मिल सका।



