Bihar News: बिहार के नवगछिया से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां आस्था का पर्व अचानक मातम में बदल गया। गंगा स्नान के दौरान तीन लोग डूब गए, जिसमें एक महिला की मौत हो गई, जबकि एक किशोर और एक युवक अब भी लापता हैं। इस हादसे के बाद पूरे घाट पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
यह हादसा परबत्ता थाना क्षेत्र के महादेवपुर घाट पर हुआ, जहां पूर्णिमा के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचे थे। सुबह का समय था और हर कोई आस्था में डूबा हुआ था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह दिन कुछ परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन जाएगा।
सबसे पहले मधेपुरा की रहने वाली नूतन देवी स्नान के दौरान अचानक गहरे पानी में चली गईं। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया और उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। घंटों की मशक्कत के बाद दोपहर करीब 12 बजे उनका शव पानी से बाहर निकाला गया। इस दौरान घाट पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
इस दर्दनाक घटना के कुछ ही घंटों बाद शाम के समय एक और बड़ा हादसा हो गया। सहरसा के 16 वर्षीय प्रतीक राज और अररिया के 30 वर्षीय ललन मंडल भी गंगा में स्नान के दौरान डूब गए।
बताया जा रहा है कि प्रतीक अपने परिवार के साथ गंगा स्नान के लिए आया था। परिवार के बाकी सदस्य स्नान कर बाहर आ गए थे, लेकिन वह अपने चालक ललन मंडल के साथ दोबारा पानी में चला गया। इसी दौरान दोनों गहरे पानी में फंस गए और देखते ही देखते लापता हो गए।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने काफी देर तक दोनों को खोजने की कोशिश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।
प्रशासन ने भागलपुर से एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम को बुलाया। टीम ने देर रात तक गंगा में सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन दोनों का कोई सुराग नहीं मिल सका। अधिकारियों का कहना है कि गुरुवार सुबह फिर से खोज अभियान चलाया जाएगा।
इस हादसे के बाद प्रतीक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बेटे के लापता होने की खबर सुनकर परिजनों की हालत बिगड़ गई। साथ आई महिलाओं में से कुछ बेहोश हो गईं, जिन्हें तुरंत डॉक्टर के पास ले जाया गया।
जानकारी के मुताबिक, प्रतीक एक राजनीतिक परिवार से भी जुड़ा हुआ है और वह अपने रिश्तेदारों के साथ गंगा स्नान करने आया था। ऐसे में इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
घाट पर मौजूद लोगों का कहना है कि वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। अगर पहले से सतर्कता बरती जाती, तो शायद यह हादसा टल सकता था।





