Bihar Monsoon: बिहार में प्रचंड गर्मी के बीच मॉनसून का इंतजार और लंबा हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 16 जून 2025 तक बिहार में प्रवेश नहीं करेगा, जबकि पहले यह बताया गया था कि 13-15 जून तक मॉनसून बिहार में प्रवेश कर जाएगा। मौसम विभाग के निदेशक ने बताया कि मॉनसून के लिए अनुकूल स्थिति तब बनेगी, जब पुरवा हवाओं की रफ्तार और बारिश-थंडरस्टॉर्म की गतिविधियां बढ़ेंगी। फिलहाल, मॉनसून 29 मई से सिक्किम और पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों में ही रुका हुआ है।
उत्तर बिहार में अगले 2-3 दिनों में एक-दो स्थानों पर थंडरस्टॉर्म, तेज हवाएं और हल्की बारिश के आसार हैं, जिससे आंशिक राहत मिल सकती है। हालांकि, दक्षिण बिहार में गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा। शुक्रवार, 13 जून को डेहरी में अधिकतम तापमान 42.2°C दर्ज हुआ, जबकि पटना, गोपालगंज, गया, आरा, छपरा, औरंगाबाद, और दरभंगा में तापमान 40°C से ऊपर रहा। रात के तापमान में भी 2.5°C तक की वृद्धि हुई, जिससे उमस ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया। बांका में सबसे कम तापमान 26.4°C रहा।
IMD के अनुसार 17 जून से बिहार में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जिससे मॉनसून की शुरुआत हो सकती है। दक्षिण बिहार में तापमान में मामूली गिरावट संभव है, लेकिन गर्मी से पूरी राहत नहीं मिलेगी। मॉनसून की देरी से किसानों में चिंता है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुआई के लिए समय पर बारिश जरूरी है। बिहार में 75% कृषि बारिश पर निर्भर है और पिछले कुछ सालों से अनियमित मॉनसून ने फसल चक्र को प्रभावित किया है।
नागरिकों से अपील है कि वे गर्मी से बचने के लिए सावधानी बरतें। IMD और बिहार स्वास्थ्य विभाग की सलाह है कि 12-4 बजे दोपहर में बाहर निकलने से बचें, 3-4 लीटर पानी पिएं, हल्के कपड़े पहनें और थकान या चक्कर जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। किसानों को सलाह दी गई है कि वे बुआई के लिए व्यापक बारिश का इंतजार करें। मॉनसून की प्रगति पर नजर रखने के लिए IMD की वेबसाइट (mausam.imd.gov.in) या स्थानीय मौसम अपडेट्स फॉलो करें। अगर आपके क्षेत्र में थंडरस्टॉर्म या वज्रपात की चेतावनी है, तो खुले मैदानों में जाने से बचें।






