Bihar News: बिहार सरकार ने विवाह निबंधन की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य में हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 (Hindu Marriage Act) को भी लागू किया जाएगा। वर्तमान में विवाह निबंधन के लिए केवल विशेष विवाह अधिनियम, 1954 (Special Marriage Act) लागू है, जिसमें शादी से पहले 30 दिनों की सार्वजनिक आपत्ति की बाध्यता होती है। लेकिन नए बदलावों के साथ, हिंदू विवाह अधिनियम लागू होने पर यह आपत्ति अवधि समाप्त हो जाएगी और विवाह के तुरंत बाद निबंधन संभव होगा।
मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने इसकी नियमावली लगभग तैयार कर ली है। नई व्यवस्था के तहत विवाह के निबंधन के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ निश्चित तिथियों पर आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। वर और वधु की न्यूनतम आयु भी अधिनियम के अनुसार निर्धारित होगी पुरुष के लिए 21 वर्ष और महिला के लिए 18 वर्ष।
वर्तमान जटिल प्रक्रिया के कारण विवाह निबंधन की संख्या चिंताजनक रूप से कम है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में केवल 2500 जोड़ों ने विवाह के बाद निबंधन कराया। जबकि 2024 में यह संख्या बढ़कर भी केवल 9000 तक ही पहुंच पाई, जो राज्य की जनसंख्या और विवाह दर के अनुपात में काफी कम है। नई व्यवस्था से संख्या में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
दूसरी ओर, राज्य में मौसम का मिजाज भी बदला हुआ है। शनिवार को प्रदेश के 24 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। सबसे अधिक बारिश सीवान जिले के रघुनाथपुर में 175.6 मिलीमीटर दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को भी पटना समेत पूर्वी, उत्तर-मध्य, दक्षिण-मध्य और दक्षिण-पश्चिम जिलों में बारिश, वज्रपात और तेज हवा की संभावना है।
पटना में शनिवार को 0.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे अधिकतम तापमान में 3.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई, हालांकि आर्द्रता 70% के आस-पास रहने के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का अनुभव हुआ। न्यूनतम तापमान में 0.9 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
विशेष विवाह अधिनियम की प्रक्रिया लम्बी, सार्वजनिक और समय लेने वाली है, जो कई लोगों के लिए अव्यवहारिक हो जाती है। हिंदू विवाह अधिनियम लागू होने से यह प्रक्रिया धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुरूप सरल हो जाएगी और विवाह के तुरंत बाद ही निबंधन संभव हो सकेगा। इससे विवाह प्रमाण पत्र प्राप्त करना भी सुगम हो जाएगा, जो बैंक, पासपोर्ट, सरकारी योजनाओं और संपत्ति विवाद जैसे मामलों में कानूनी दस्तावेज के रूप में आवश्यक होता है।





