PATNA : बिहार से अंतरराष्ट्रीय हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य के पटना और गया एयरपोर्ट से जल्द ही अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाएं शुरू होने वाली हैं। बिहार सरकार इस योजना पर तेजी से काम कर रही है और इसके लिए इसी सप्ताह टेंडर जारी करने की तैयारी है।
किन-किन रूट्स पर शुरू होंगी उड़ानें
बिहार सरकार की प्रस्तावित योजना के अनुसार पटना से काठमांडू के लिए सीधी उड़ान सेवा शुरू की जाएगी। वहीं गया से सिंगापुर, बैंकॉक, कोलंबो, काठमांडू और शारजाह के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित होंगी। यह कदम बिहार को दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के प्रमुख शहरों से सीधे जोड़ने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
टेंडर प्रक्रिया इसी सप्ताह
बिहार सरकार द्वारा विमानन कंपनियों के चयन के लिए टेंडर इसी सप्ताह जारी किया जाएगा। अप्रैल के तीसरे सप्ताह तक कंपनियां इसमें आवेदन कर सकेंगी। इसके बाद अप्रैल के अंत तक चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।यदि सब कुछ योजना के अनुसार हुआ, तो गर्मी की छुट्टियों से पहले ही पटना और गयाजी से कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू हो सकती हैं।
बिहार सरकार देगी मदद
बिहार सरकार ने पटना और गयाजी से इंटरनेशनल फ्लाइट के लिए विमान कंपनियों को अनुदान देने का फैसला लिया है. सरकार के मुताबिक यात्रियों की संख्या के आधार पर अनुदान दिया जाएगा.
पटना से काठमांडू के लिए 72 सीटर प्लेन
पटना से काठमांडू रूट पर 72 सीट वाले छोटे विमान संचालित किए जाएंगे। इस रूट को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार प्रति फेरा अधिकतम 2.5 लाख रुपये का अनुदान देगी। वहीं गया से संचालित होने वाली उड़ानों के लिए 150 से अधिक सीटों वाले बड़े विमान इस्तेमाल किए जाएंगे। इन रूट्स पर विमानन कंपनियों को प्रति फेरा 10 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। यह अनुदान शुरुआत में छह महीने के लिए दिया जाएगा। इसके बाद यात्रियों की संख्या और रूट की उपयोगिता के आधार पर इसे आगे छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है।
मॉनिटरिंग के लिए कमेटी गठित
पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है। इसी कमेटी ने टेंडर जारी करने को मंजूरी दी है। टेंडर प्रक्रिया में फिलहाल केवल भारतीय विमानन कंपनियों को भाग लेने की अनुमति होगी, जिनमें एयर इंडिया, इंडिगो, स्पाइसजेट और आकाश जैसी कंपनियां शामिल हो सकती हैं।
पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
राज्य सरकार का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की कमी के कारण बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक विदेशी पर्यटकों की पहुंच सीमित रही है। बोधगया, राजगीर और नालंदा जैसे स्थानों पर बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक आना चाहते हैं, लेकिन सीधी उड़ान सुविधा नहीं होने से वे हिचकते हैं।इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार विमानन कंपनियों को अनुदान दे रही है, ताकि बिहार से सीधी अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी विकसित हो सके।
बिहार के पर्यटक स्थलों का होगा विकास
इंटरनेशनल उड़ान सेवा शुरू होने के बाद सरकार यह भी आकलन करेगी कि किस देश से सबसे ज्यादा पर्यटक आ रहे हैं, वे किन-किन स्थानों पर जा रहे हैं और बिहार में कितने दिन ठहर रहे हैं। इन आंकड़ों के आधार पर राज्य सरकार प्रमुख पर्यटन स्थलों की पहचान कर उन्हें विकसित करने की योजना बनाएगी, जिससे भविष्य में पर्यटन और अर्थव्यवस्था दोनों को मजबूती मिलेगी।






