ब्रेकिंग
UCC पर डॉ प्रेम कुमार का बड़ा बयान, बोले- ‘एक देश, एक कानून’ पूरे भारत में लागू होमंत्री अशोक चौधरी बने असिस्टेंट प्रोफेसर, पटना के एएन कॉलेज में ली पहली क्लासनीतीश कुमार पर प्रशांत किशोर ने बोला बड़ा हमला, कहा..अब JDU भी परिवारवाद से अछूता नहीं रहा हाजीपुर में निगरानी की बड़ी कार्रवाई, 50 हजार घूस लेते खनन विभाग के दो कर्मचारी रंगेहाथ गिरफ्तारपटना में रामनवमी पर हाई अलर्ट, महावीर मंदिर समेत प्रमुख स्थलों पर कड़ी सुरक्षा के प्रबंधUCC पर डॉ प्रेम कुमार का बड़ा बयान, बोले- ‘एक देश, एक कानून’ पूरे भारत में लागू होमंत्री अशोक चौधरी बने असिस्टेंट प्रोफेसर, पटना के एएन कॉलेज में ली पहली क्लासनीतीश कुमार पर प्रशांत किशोर ने बोला बड़ा हमला, कहा..अब JDU भी परिवारवाद से अछूता नहीं रहा हाजीपुर में निगरानी की बड़ी कार्रवाई, 50 हजार घूस लेते खनन विभाग के दो कर्मचारी रंगेहाथ गिरफ्तारपटना में रामनवमी पर हाई अलर्ट, महावीर मंदिर समेत प्रमुख स्थलों पर कड़ी सुरक्षा के प्रबंध

बिहार में लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में डेडिकेटेड वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश

Bihar News: बिहार में लू से बचाव के लिए अस्पतालों को डेडिकेटेड वार्ड और पर्याप्त बेड की व्यवस्था करने के साथ ही दवाइयों की उपलब्धता और मरीज निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं.

Bihar News
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

Bihar News: बिहार स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी अस्पतालों को भीषण गर्मी और लू से बचाव की तैयारी पूरी करने का निर्देश दिया है। गर्मी की आहट के साथ ही विभाग ने अस्पतालों में लू प्रभावित मरीजों के लिए डेडिकेटेड वार्ड और पर्याप्त संख्या में बेड की व्यवस्था करने को कहा है।


स्वास्थ्य सचिव लोकेश कुमार ने सभी सिविल सर्जनों, मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षकों और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के निदेशकों को पत्र भेजकर यह निर्देश दिया। डेडिकेटेड वार्ड में 24 घंटे डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की रोस्टर ड्यूटी सुनिश्चित करने को कहा गया है।


सिविल सर्जनों को अपने स्तर पर सभी एंबुलेंस की एयर कंडीशनिंग, आक्सीजन और आवश्यक उपकरणों की कार्यशीलता की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य सचिव ने चेतावनी दी है कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार इस वर्ष अधिक गर्मी पड़ने की संभावना है, इसलिए लू से उत्पन्न गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से लोगों को बचाने की तैयारी सुनिश्चित करें।


विशेष रूप से छोटे बच्चे, स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और दूध पिलाने वाली माताओं, साथ ही घर से बाहर काम करने वाले व्यक्तियों को लू के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का अधिक जोखिम रहता है। इसके मद्देनजर सभी जिला अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, रेफरल अस्पताल, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और स्वास्थ्य उपकेंद्रों में समन्वय कर विशेष योजना तैयार करने को कहा गया है।


सभी सरकारी अस्पतालों में दस्त, उल्टी, चर्मरोग, नेत्र विकार और लू से संबंधित आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। लू पीड़ित मरीजों की निगरानी के लिए हीट रेट, श्वसन दर, ब्लड प्रेशर और मानसिक स्थिति की लगातार जांच करने की व्यवस्था भी करनी होगी। साथ ही सामान्य वार्ड में एसी, कूलर और पंखे की कार्यशीलता बनाए रखने का भी निर्देश दिया गया है। 

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें