Birth certificate: बिहार में अब ग्राम पंचायतों में भी जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र दिया जायेगा।अब पंचायत सचिव को प्रमाणपत्र बनाने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।लोगों को अब प्रमाणपत्र बनवाने के लिए प्रखंड कार्यालय नहीं जाना पड़े इसके लिए सभी पंचायत सरकार भवन में में इस तरह की सुविधा प्रदान की जाएगी |
दलालों की सक्रियता और भीड़ बनी परेशानी अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय की रिपोर्ट के अनुसार, प्रखंड कार्यालयों में प्रमाण पत्र बनवाने वालों की संख्या काफी अधिक हो गई थी। एक ही काउंटर पर सैकड़ों लोग जुटते थे, जिससे भीड़भाड़ और अव्यवस्था की स्थिति बनती थी। कई जिलों से यह भी शिकायत आई कि प्रखंड कार्यालयों में दलालों की सक्रियता बढ़ गई है, जो सामान्य लोगों से पैसे लेकर प्रमाणपत्र दिलाने का दावा करते हैं।
शहरी क्षेत्र में रजिस्ट्रार के पास जिम्मेदारी, लेकिन आपत्ति भी शहरी इलाकों में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की जिम्मेदारी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत के रजिस्ट्रार कार्यालय को दी गई है। हालांकि, इस व्यवस्था पर भी आम जनता ने आपत्ति जताई है। लोगों का कहना है कि रजिस्ट्रार कार्यालय में न तो पर्याप्त कर्मचारी हैं और न ही सही तरीके से प्रक्रिया होती है, जिससे उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
वार्ड स्तर पर सुविधा की मांग स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने राज्य सरकार से मांग थी कि प्रमाणपत्र बनवाने की सुविधा अब वार्ड स्तर पर दी जाए, ताकि आम जनता को सुविधा हो और उन्हें बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।






