Bihar News: बिहार सरकार ने राज्य में फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए स्टेट फिल्म डेवलपमेंट एंड फिल्म कॉरपोरेशन के जरिए अहम कदम उठाया है। इस निर्णय से न केवल स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को काम मिलेगा बल्कि पर्यटन, होटल कारोबार और ट्रांसपोर्ट जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार और व्यापार के अवसर बढ़ेंगे।
दरअसल, अब इस पहल के लिए नई लिस्ट में बिहार के कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को शामिल किया गया है। इसमें भागलपुर का विक्रमशिला खंडहर, मुंगेर का किला और बांका का मंदार पहाड़ प्रमुख हैं, जहां भविष्य में बड़े पैमाने पर फिल्मों की शूटिंग की जा सकेगी। इसके अलावा, गंगा नदी से जुड़े दो पवित्र घाटों को भी मंजूरी दी गई है, जिसमें पटना का गांधी घाट और बक्सर का रामरेखा घाट शामिल है।
हालांकि, सुल्तानगंज का अजगैवीनाथ घाट को इस सूची में शामिल नहीं किया गया है, जिससे स्थानीय लोगों में निराशा देखी जा रही है। सूची में कुल 25 धार्मिक और आस्था से जुड़े स्थल, तथा 24 पहाड़ और गुफा क्षेत्र शामिल किए गए हैं। इनमें बेगूसराय का कावर झील, शेरशाह का मकबरा और किला (सासाराम), महाबोधि मंदिर (बोधगया), विश्व शांति स्तूप (राजगीर), भीमबांध वाइल्डलाइफ सेंचुरी (मुंगेर) और योगा स्कूल (मुंगेर) जैसे लोकप्रिय स्थल भी शामिल हैं।
फिल्म कॉरपोरेशन का मानना है कि इस कदम से राज्य के पर्यटन उद्योग को नई पहचान मिलेगी और बिहार को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित किया जा सकेगा। इससे न सिर्फ बॉलीवुड बल्कि भोजपुरी, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं को भी आकर्षित किया जाएगा।
बिहार के कई कलाकार पहले से ही बॉलीवुड और भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना चुके हैं। सरकार का यह फैसला उनके लिए और अधिक अवसर खोलेगा। लंबे समय से फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग इस तरह के फैसले की मांग कर रहे थे। अब उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में बिहार में फिल्मों की शूटिंग के साथ-साथ फिल्म सिटी की स्थापना को लेकर भी कदम उठाए जा सकते हैं।



