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Farmer Registry Bihar: बिहार में फार्मर रजिस्ट्री की बढ़ी रफ्तार, अबतक 16 लाख से अधिक किसानों का रजिस्ट्रेशन पूरा; क्या बोले विजय सिन्हा?

Farmer Registry Bihar: बिहार में फार्मर रजिस्ट्री अभियान ने तेज़ रफ्तार पकड़ी है। अब तक 16 लाख से अधिक किसानों का पंजीकरण पूरा हो चुका है और पीएम किसान योजना के लिए 10 लाख से ज्यादा किसान जुड़े हैं।

Farmer Registry Bihar
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Mukesh Srivastava
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Farmer Registry Bihar: बिहार में एग्री स्टैक योजना के तहत चल रहे फार्मर रजिस्ट्रेशन अभियान ने तेज़ गति पकड़ ली है। 11 जनवरी 2026 की शाम 6:40 बजे तक जारी आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार राज्य में अब तक 16 लाख 12 हजार से अधिक किसानों का फार्मर रजिस्ट्रेशन सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। वहीं पीएम किसान योजना के अंतर्गत पंजीकृत किसानों की संख्या 10 लाख 48 हजार से अधिक हो गई है। ये आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि अभियान राज्य स्तर पर लक्ष्य के अनुरूप प्रभावी ढंग से आगे बढ़ रहा है।


रिपोर्ट के अनुसार राज्य का कुल पीएम किसान लक्ष्य 75.01 लाख किसानों का है। इसके मुकाबले अभी 64.53 लाख किसानों का सत्यापन एवं कवरेज शेष है। इसे ध्यान में रखते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा कृषि विभाग के सहयोग से सभी जिला प्रशासन द्वारा अभियान को मिशन मोड में संचालित किया जा रहा है।


अभियान के तहत छुट्टी के दिन भी प्रत्येक पंचायत में शिविर लगाकर गति दी गई। इस कारण रविवार 11 जनवरी को राज्य में 2 लाख 87 हजार से अधिक फार्मर रजिस्ट्रेशन दर्ज किए गए, जबकि प्रतिदिन का निर्धारित लक्ष्य 2.48 लाख था। इस प्रकार एक ही दिन में लगभग 116 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई, जो प्रशासनिक सक्रियता, तकनीकी सहयोग और जमीनी स्तर पर की गई व्यापक व्यवस्था को दर्शाती है।


फार्मर रजिस्ट्रेशन के मामले में कई बड़े जिलों ने उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। इनमें मुजफ्फरपुर में 95,351, कटिहार में 69,722, पूर्णिया में 66,765, भागलपुर में 67,385, मधुबनी में 46,926 और रोहतास में 46,366 फॉर्मर रजिस्ट्रेशन पूरा कर लिया गया है। उपरोक्त जिलों में दैनिक लक्ष्य के मुकाबले 150 से 190 प्रतिशत तक उपलब्धि दर्ज की गई है।


कम आबादी वाले जिलों में भी अभियान का असर साफ दिखाई दे रहा है। इनमें शिवहर में 17,715, शेखपुरा में 19,114, अरवल में 10,407 और लखीसराय में 14,535 फॉर्मर रजिस्ट्रेशन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। उपरोक्त जिलों में 120 से 170 प्रतिशत तक लक्ष्य प्राप्ति दर्ज की गई है।


राज्य सरकार का फोकस केवल फार्मर रजिस्ट्रेशन तक सीमित नहीं है, बल्कि पंजीकृत किसानों को पीएम किसान से जोड़ने की प्रक्रिया को भी प्राथमिकता दी जा रही है। उदाहरण के तौर पर वैशाली में 77,844 फॉर्मर रजिस्ट्रेशन में से 37,193 पीएम किसान लाभार्थी, सहरसा में 49,739 फॉर्मर रजिस्ट्रेशन में से 37,827 पीएम किसान लाभार्थी हैं।


राज्य के सभी सीएससी (वसुधा केंद्र) में किसानों को निरंतर फार्मर रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही किसान स्वयं भी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से घर बैठे अपना फार्मर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इससे दूर-दराज़ के क्षेत्रों के किसानों को भी अभियान से जोड़ना आसान हो गया है।


राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी. के. अनिल ने पंचायत स्तर पर अभियान को और मजबूत बनाने के लिए पंचायतों के सभी मुखिया एवं सरपंचों से सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से अधिक से अधिक किसानों तक सही जानकारी पहुंचेगी और कोई भी पात्र किसान पंजीकरण एवं सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहेगा।


फार्मर रजिस्ट्रेशन अभियान का उद्देश्य राज्य के किसानों को डिजिटल पहचान प्रदान कर उन्हें पीएम किसान सहित अन्य केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का सीधा, पारदर्शी और समयबद्ध लाभ पहुंचाना है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन का फोकस अब शेष किसानों के पंजीकरण, सत्यापन और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर केंद्रित है, ताकि अभियान अपने निर्धारित लक्ष्य को समय पर हासिल कर सके।


उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्रेशन अभियान राज्य के किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। एक ही दिन में 2.87 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन और अब तक 16 लाख से ज्यादा किसानों का पंजीकरण इस अभियान की सफलता को दर्शाता है।


उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से किसानों को डिजिटल पहचान मिल रही है, जिससे पीएम किसान सहित सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध रूप से सीधे किसानों तक पहुंचेगा। सीएससी (वसुधा केंद्र) और ऑनलाइन पोर्टल के जरिए पंजीकरण की सुविधा लगातार उपलब्ध है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों, जिला प्रशासन और किसानों से अपील की कि वे अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाएं, ताकि कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे।

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रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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