PATNA: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बिहार प्रभारी विनोद तावड़े ने NDA की भारी जीत पर खुशी जतायी। लेकिन यह कहा कि यह जीत महिलाओं को 10 हजार देने और पेंशन की रकम बढ़ाने से नहीं हुई है। यह पिछले दस वर्षों से चल रहे मोदी जी की योजनाओं का परिणाम है, जिसके चलते बिहार की जनता ने एनडीए को आशीर्वाद दिया है।
विनोद तावड़े ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह कोई चुनाव के पहले जिविका दीदी को 10 हजार रुपये देने और वृद्धा पेंशन 400 से 1100 करने का रिजल्ट नहीं है। इसके लिए बिहार की जनता ने वोट नहीं दिया है। पिछले 10 साल से उज्ज्वला योजना चल रहा है, किसान सम्मान योजना चल रहा है, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लोगों को मिल रहा है। ऐसे कई योजना जिसमें जात,धर्म ना देखते हुए सभी लाभार्थियों को उसके लाभ एनडीए सरकार पहुंचाती रही है। आज उसी का आशीर्वाद बिहार की जनता ने एनडीए को दिया है।
उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने एनडीए को आशीर्वाद दिया है, बिहार में एनडीए की ऐतिहासिक विजय आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का जो आकलन था ज्ञान का विकास, गरीब युवा, अन्नदाता यानी किसान और महिलाओं के विकास के लिए आप काम करते रहो और इसका आशीर्वाद आपको जनता जरूर देगी। जो यादव और मुस्लिम बहुल इलाका है वहां 30 सीटें एनडीए की झोली में आई है। जो एससी-एसटी बहुल क्षेत्र है वहां 60 सीट पर एनडीए ने जीत हासिल की है। अत्यंत पिछड़ी जाति के इलाकों में 110 सीटें एनडीए ने जीती है। इसका मतलब यह हुआ कि बिहार की जनता ने विकास की राजनीति पर अपनी मुहर लगाई है।
तावड़े ने कहा कि अब विकास की रफ्तार बिहार पकड़ चुका है। यह बात बिहार के लोगों के दिमाग में बैठ गई थी कि बिहार को विकास के रास्ते पर ले जाने के लिए एनडीए को वोट देना होगा। यही कारण है कि बिहार के वोटरों ने एनडीए को वोट देकर जीत हासिल कराया। और हर घर में नौकरी देने का वादा करने और जिविका दीदियों को स्थायी नौकरी देने का झांसा देने वाले तेजस्वी को बिहार की जनता ने ठुकरा दिया है।
उन्होंने कहा कि बिहार का आदमी गरीब जरूर है लेकिन बुद्धिमान है। उसको पता है कि सच क्या है और झूठ क्या है? इसलिए झूठे नारे के पीछे लोग नहीं गए और अपने विवेक से मतदान किया। यह लोग राहुल गांधी या तेजस्वी यादव के पीछे जाना मुनासिब नहीं समझा। तावड़े ने वादा किया कि आने वाले दिनों में बिहार की रफ्तार और विकास एनडीए करेगी।





