Bihar Education News: शिक्षा विभाग का एक डीपीओ बड़ा खिलाड़ी निकला. तीन लिपिकों की मिलीभगत से 20 लाख रू की सरकारी राशि का बंदरबांट करा लिया. बिना जिला शिक्षा पदाधिकारी की सहमति से खुद क्रय समिति के अध्यक्ष बन गए और तीन चहेते लिपिकों को समिति का सदस्य बना दिया. इसके बाद उपस्कर मद में भेजी गई 20 लाख रू की राशि टुकड़ों में निकासी कर ली. डीईओ को भनक लगी, तब उन्होंने शिक्षा विभाग से शिकायत की. जांच में आरोप प्रमाणित हो गए. इसके बाद आरोपी डीपीओ के खिलाफ शिक्षा विभाग ने दंड देने का निर्णय लिया.
डीपीओ स्थापना तो बड़ा खिलाड़ी निकले
भोजपुर जिले के तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) रोहित कुमार चौरसिया जो वर्तमान में अररिया के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी हैं, इनके खिलाफ गंभीर आरोप हैं. भोजपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी ने डीपीओ चौरसिया के खिलाफ 12 अप्रैल 2023 को आरोप पत्र गठित कर शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराया था. इनके खिलाफ आरोप है कि इन्होंने भोजपुर जिला शिक्षा पदाधिकारी स्थापना शाखा के कार्यालय भवन उपस्कर मद में आई 20 लाख रुपए का दुरुपयोग किया . इसकी जानकारी जिला शिक्षा पदाधिकारी को नहीं दी और बिना अनुमति के ही निकासी कर ली. निकासी की राशि से आनन-फानन में बिना प्रक्रिया का पालन किए ही घटिया उपस्कर क्रय कर लिया. जिससे राशि का अपव्यय हुआ।
खुद क्रय समिति का अध्यक्ष बन गए और 20 लाख की करा ली निकासी
शिक्षा विभाग की जांच में पाया गया कि तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी रोहित कुमार चौरसिया ने 20 लाख रुपए के बंदरबांट को लेकर बड़ा खेल किया. खुद ही क्रय समिति के अध्यक्ष बन गए और दो लिपिकों को कमेटी का सदस्य बना दिया. आनन-फानन में 20 लाख रुपए का टुकड़ों में निकासी कर ली. विभागीय कार्यवाही में आरोप प्रमाणित हो गए. इसके बाद आरोपी डीपीओ के खिलाफ दंड देने का निर्णय लिया गया है.रोहित कुमार चौरसिया वर्तमान पदस्थापना जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अररिया के खिलाफ संचई प्रभाव के साथ तीन वेतन वृद्धि अवरोध करने का दंड लगाया गया है.





