Patna News: बिहार की राजधानी पटना के नजदीक फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र के सगुना मोड़ स्थित एक अस्पताल संचालक डॉक्टर से दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने दरभंगा और पटना से तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में पटना निवासी बिल्डर नूर मोहम्मद उर्फ लाल बाबू और उसके सहयोगी मोहम्मद फरहान के अलावा फुलवारीशरीफ के मोहम्मद सैफ भी शामिल हैं।
एसटीएफ ने दरभंगा के यूनिवर्सिटी थाने की पुलिस के सहयोग से शनिवार को दिल्ली मोड़ स्थित एक रियल एस्टेट कंपनी के कार्यालय से नूर मोहम्मद और मोहम्मद फरहान को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर फुलवारीशरीफ से मोहम्मद सैफ को भी पकड़ा गया। आरोपितों के कब्जे से एक पिस्टल, एक देसी पिस्टल, 11 कारतूस, दो मेगजीन, पांच मोबाइल फोन और ढाई लाख रुपये बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ के वरीय अधिकारी ने बताया कि सिसरो स्थित अस्पताल संचालक डॉक्टर महेश से फोन पर दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांग की गई थी। जब डॉक्टर ने रंगदारी देने से इनकार किया, तो आरोपितों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित डॉक्टर की शिकायत पर फुलवारी थाने में शनिवार को रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया गया।
पुलिस जांच में आरोपितों का लोकेशन दरभंगा के यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में पाया गया। इसके बाद एसटीएफ की टीम ने दरभंगा में आरोपित बिल्डर नूर मोहम्मद के आर्यन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय में छापा मारा और दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया।
एसटीएफ ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ विभिन्न आपराधिक मामले भी दर्ज हैं और वे लंबे समय से कई अवैध गतिविधियों में लिप्त थे। रंगदारी मांगने का यह मामला उनके खिलाफ एक बड़ा मामला है, जिसके लिए एसटीएफ लगातार उनकी निगरानी कर रही थी। एसटीएफ के अधिकारियों ने कहा कि गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ जारी है और रंगदारी के इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की भी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
एसटीएफ ने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का भी निर्णय लिया है ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके और ऐसे अपराधियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके। इस पूरे मामले में डॉक्टर महेश की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।





