Bihar Politics: हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष व लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष सुमन ने कहा कि एनडीए के 20 वर्षों के शासनकाल में बिहार जहां विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ा वहीं आम बिहारियों में संवृद्धि आई व उन्हें देश के अन्य राज्यों में सम्मान मिलना शुरू हुआ। 2005 के पहले बिहारियों को देश के दूसरे प्रदेशों में अपनी पहचान छुपानी पड़ती थी। अपराध, अपहरण उधोग,भ्रष्टाचार, लूट-खसोट, ट्रेन व रोड डकैतियों तथा नरसंहारों के अंतहीन सिलसिलों की वजह से पूरे देश मे बिहार की छवि काफी खराब थी।
संतोष सुमन ने कहा कि यह वह दौर था जब लोग अपने घरों से निकलने में डरते थे। स्कूल गए बच्चों की सकुशल वापसी के लिए माएँ दुआएं व मनौतियां मांगती थीं। शाम होने के पहले लोग सुरक्षित अपने घर लौट आते थे। देर रात पटना जंक्शन पर उतरने वाले यात्री सुबह होने तक स्टेशन पर रूकते थे।
उन्होंने कहा कि 2005 में बिहार में जब बदलाव हुआ, एनडीए की सरकार बनी तो कानून का राज स्थापित किया गया। स्पीडी ट्रायल के जरिए अगले 3 साल में 76 हजार से ज्यादा आपराधिक मामलों में सजा सुनाई गई। अपराधियों पर नकेल कसा गया। फिरौती के लिए राजनीतिक संरक्षण में चलने वाले अपहरण उधोग पर अंकुश लगा। इससे लोगों में कानून के राज के प्रति भरोसा बढ़ा। सुशासन व न्याय के साथ विकास से बिहार की छवि बदली और आम बिहारियों को अपने बिहारिपन पर गर्व का अहसास होने लगा।





