Bihar Sand Mining: राज्य में लंबे इंतजार के बाद बालू खनन को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। करीब तीन महीने से बंद पड़े बालू घाटों पर अब फिर से हलचल शुरू होने वाली है। खान एवं भू-तत्व विभाग ने संकेत दिए हैं कि इस साल में लगभग 300 घाटों से खनन की शुरुआत हो सकती है। इससे न सिर्फ निर्माण कार्यों को रफ्तार मिलेगी, बल्कि स्थानीय रोजगार में भी बढ़ोतरी होगी, जाने कब से शुरू होगा खनन...
बिहार में करीब तीन महीने के बाद एक बार फिर नदियों से बालू खनन की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। 16 अक्टूबर 2025 से राज्य के लगभग 300 बालू घाटों से खनन की अनुमति मिल जाएगी । इस बार पीले और सफेद दोनों तरह के बालू घाटों को शामिल किया गया है। इससे पहले जब 15 जून को मॉनसून की वजह से खनन पर रोक लगी थी, तब कुल 180 घाटों से खनन हो रहा था, जिनमें से 18 घाट सफेद बालू के थे।
खनन शुरू होने से पहले अवैध गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए विभाग ने कड़े इंतज़ाम किए हैं। अवैध खनन, परिवहन और बिक्री पर नजर रखने के लिए CCTV कैमरे और ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इस तरह विभाग पूरे खनन क्षेत्र पर निगरानी रखेगा। राज्य सरकार को उम्मीद है कि ज्यादा घाटों से खनन शुरू होने से राजस्व में अच्छी बढ़ोतरी होगी। साथ ही आम लोगों को निर्माण कार्यों के लिए बालू आसानी से और सही दाम पर मिल सकेगा। इससे निर्माण क्षेत्र को भी रफ्तार मिलेगी।
खनन की प्रक्रिया से पहले जिन नदियों के घाटों की बंदोबस्ती पूरी कर ली गई है, उनमें गंगा, सोन, पुनपुन, दर्धा, कमला, भूतही बलान और मुनहारा जैसी प्रमुख नदियां शामिल हैं। विभाग ने खनन शुरू करने की लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं जिसे अब 16 अक्टूबर से चालू कर दिया जायेगा ।





