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Bihar News : घर बनाने से पहले पढ़ लें ये खबर! बिहार में बदल गए निर्माण के नियम, सरकार ने जारी किया नया आदेश; यह सुविधाएं भी होगी ऑनलाइन

बिहार के 43 शहरों में एक साल के भीतर मास्टरप्लान लागू होगा। बिना नक्शा पास मकान बनाना संभव नहीं होगा और 23 सेवाएं ऑनलाइन होंगी।

Bihar News : घर बनाने से पहले पढ़ लें ये खबर! बिहार में बदल गए निर्माण के नियम, सरकार ने जारी किया नया आदेश; यह सुविधाएं भी होगी ऑनलाइन
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Bihar News : बिहार में शहरी विकास को नई दिशा देने की दिशा में सरकार ने बड़ी पहल शुरू कर दी है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने राज्य के 43 प्रमुख शहरों में एक साल के भीतर मास्टरप्लान लागू करने का लक्ष्य तय किया है। इस योजना के लागू होते ही बिना स्वीकृत नक्शे के मकान निर्माण पर पूरी तरह रोक लग जाएगी। साथ ही, अगले छह महीनों में 23 नागरिक सेवाओं को ऑनलाइन करने की तैयारी भी तेज कर दी गई है, जिससे लोगों को पारदर्शी और आसान सुविधाएं मिल सकें।


उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभाग के 100 दिनों के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार के शहरों को आधुनिक, व्यवस्थित और नागरिकों के अनुकूल बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब शहरों का विकास बिना योजना के नहीं होगा, बल्कि एक तय ब्लूप्रिंट के आधार पर किया जाएगा।


नई कार्ययोजना के तहत सभी जिला मुख्यालयों के साथ-साथ सोनपुर और बगहा जैसे शहरों को भी मास्टरप्लान में शामिल किया गया है। इस योजना का उद्देश्य शहरी विस्तार को नियंत्रित करना और ट्रैफिक जाम, जलजमाव और अवैध निर्माण जैसी समस्याओं से स्थायी समाधान निकालना है। मास्टरप्लान के तहत सड़क, यातायात, जल निकासी, हरित क्षेत्र और आवासीय इलाकों का संतुलित विकास सुनिश्चित किया जाएगा।


सरकार ने साफ कर दिया है कि अब कोई भी व्यक्ति बिना स्वीकृत नक्शे के मकान निर्माण नहीं कर सकेगा। इससे अवैध निर्माण पर लगाम लगेगी और शहरों का ढांचा अधिक व्यवस्थित बनेगा। अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से भविष्य में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर तरीके से विकसित करने में मदद मिलेगी।


इसके अलावा, आम नागरिकों को राहत देने के लिए 23 प्रमुख सेवाओं को ऑनलाइन करने की योजना बनाई गई है। अब लोगों को नक्शा पास कराने या अन्य नगर सेवाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एक केंद्रीकृत पोर्टल के माध्यम से घर बैठे आवेदन किया जा सकेगा और तय समय सीमा के भीतर डिजिटल हस्ताक्षर के साथ स्वीकृति भी मिल जाएगी। इससे भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।


वित्तीय पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए सरकार ने एक और अहम फैसला लिया है। अब नगर निकायों का ऑडिट महालेखाकार (CAG) द्वारा कराया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के पैसे का सही उपयोग सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में भी सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं। राज्य के 143 नगर निकायों में वैज्ञानिक तरीके से कूड़ा निस्तारण की योजना लागू की जा रही है। सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में बिहार के शहरों को ‘जीरो वेस्ट’ बनाना है, जहां कचरे का 100 प्रतिशत निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा।


कुल मिलाकर, यह नई पहल बिहार के शहरी विकास को एक नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। मास्टरप्लान, डिजिटल सेवाएं, पारदर्शी ऑडिट और बेहतर कचरा प्रबंधन जैसे कदम राज्य के शहरों को स्मार्ट और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

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Tejpratap

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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