Bihar News: सुल्तानगंज-अगुवानी गंगा पुल के निर्माण में लगातार देरी से लोगों की उम्मीदें धूमिल होती जा रही हैं। पुल का एक हिस्सा पहले ही दो बार ढह चुका है, जिससे निर्माण कार्य कई बार बाधित हुआ। फिर से इस पुल के निर्माण कार्य को एक साल के लिए बढ़ा दी है और अब इस परियोजना की नयी डेडलाइन 31 मार्च 2026 निर्धारित की गई है, जबकि पहले इसे मार्च 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था।
निर्माण कार्य ठप, अनिश्चितता बरकरार
भागलपुर और खगड़िया समेत कई जिलों के लोगों को इस पुल से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन बार-बार डेडलाइन फेल होने से निराशा बढ़ रही है। निर्माण कार्य फिलहाल ठप पड़ा हुआ है। इस पुल की नींव 2014 में रखी गई थी, और इसे साढ़े चार साल में पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन अब साढ़े 9 साल से अधिक समय बीत चुका है और निर्माण कार्य अधूरा ही है।
पुल निर्माण में बाधाएं और सरकार की कार्रवाई
पुल का स्ट्रक्चर जून 2023 में ढहने के बाद यह परियोजना सुर्खियों में आई थी। इसके बाद सरकार ने इसे बनाने वाली कंपनी को डिबार ( blacklist) कर दिया, यानी जब तक यह पुल पूरा नहीं हो जाता, तब तक वह कंपनी बिहार में कोई अन्य सरकारी प्रोजेक्ट नहीं ले सकेगी।
एप्रोच रोड का काम भी अटका
पुल के साथ-साथ इसके एप्रोच रोड का निर्माण कार्य भी अधर में लटका हुआ है। इसे दो साल में पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन 7 महीने की देरी पहले ही हो चुकी है। यह सड़क सुल्तानगंज से मुंगेर-मिर्जाचौकी ग्रीनफील्ड मार्ग तक बनाई जानी है।
पुल से होंगे बड़े फायदे
इस पुल के बनने से भागलपुर, खगड़िया और आसपास के जिलों के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। गंगा पार करने में लगने वाला समय घंटों से घटकर कुछ ही मिनटों में सिमट जाएगा। लेकिन बार-बार डेडलाइन बढ़ने और निर्माण कार्य में देरी से स्थानीय लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। अब देखना यह होगा कि क्या इस बार मार्च 2026 की डेडलाइन पर पुल का निर्माण पूरा हो पाएगा या नहीं!





