Bihar News: बिहार अभियंत्रण सेवा संघ (बेसा) ने भागलपुर जिले के जिलाधिकारी (DM) के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रुख अपनाते हुए उन्हें कानूनी नोटिस भेजा है। संघ के महासचिव राकेश कुमार ने जानकारी दी कि यह कदम कार्यपालक अभियंता बृजनन्दन कुमार के साथ कथित अमर्यादित व्यवहार और अवैध हिरासत के विरोध में उठाया गया है।
संघ के अनुसार, बृजनन्दन कुमार को उनके कर्तव्य पालन के दौरान न केवल अपमानित किया गया, बल्कि डीएम द्वारा अकारण गिरफ्तार करवाकर 4–5 घंटे तक स्थानीय थाने में बैठाए रखा गया। अभियंता का आरोप है कि इस दौरान डीएम ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और मानसिक रूप से भयभीत करने का प्रयास किया। मानसिक दबाव इतना अधिक था कि उन्हें चिकित्सकीय उपचार की आवश्यकता पड़ी।
बेसा ने अपने बयान में कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। राज्य के विभिन्न जिलों से अभियंताओं के साथ अधिकारियों द्वारा दुर्व्यवहार की शिकायतें लगातार मिलती रही हैं। लेकिन इस बार मामला एक वरिष्ठ अभियंता के सीधे उत्पीड़न से जुड़ा है, जिससे राज्यभर के अभियंताओं का मनोबल गिरा है। संघ का कहना है कि यदि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो इससे विकास कार्यों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। अभियंता दवाब और भय के माहौल में स्वतंत्र रूप से कार्य नहीं कर पाएंगे।
बिहार अभियंत्रण सेवा संघ ने राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। महासचिव राकेश कुमार ने कहा, हम चाहते हैं कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले और संबंधित डीएम के खिलाफ जांच के आदेश दे। अभियंता किसी भी विकास परियोजना की रीढ़ होते हैं। यदि उन्हें अपमानित किया जाएगा, तो राज्य का विकास रुक जाएगा। इस पूरे मामले में अभी तक भागलपुर के डीएम की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासनिक स्तर पर भी मामले की जांच की कोई जानकारी नहीं दी गई है। वहीं, संघ ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन पर भी विचार किया जा सकता है।





