BHAGALPUR: भागलपुर के सबौर रेलवे स्टेशन पर एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां मोबाइल देने से इनकार करने पर एक प्रेमी ने अपनी प्रेमिका को चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया। गंभीर रूप से घायल युवती का अस्पताल में इलाज जारी है।
मिली जानकारी के अनुसार, मोहम्मद इम्तिहाज की 19 वर्षीय बेटी रश्मि खातून और मोहम्मद कलीम के 21 वर्षीय बेटे मोहम्मद सीटू के बीच पिछले दो वर्षों से प्रेम संबंध था। दोनों की मुलाकात एक शादी समारोह में हुई थी और वे पड़ोस में ही रहते थे। आरोपी युवक दिल्ली में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है।
बताया गया कि 4 दिसंबर को मोहम्मद सीटू ने रश्मि को फोन कर भागकर शादी करने का प्रस्ताव दिया। इसके बाद रश्मि अपने प्रेमी के साथ घर छोड़कर दिल्ली चली गई। हालांकि, आनंद विहार रेलवे स्टेशन पहुंचते ही आरोपी युवक उसे अकेला छोड़कर फरार हो गया। स्टेशन पर संदिग्ध हालत में घूमती रश्मि को आनंद विहार जीआरपी पुलिस ने हिरासत में लिया और उसके परिजनों को सूचना दी।
सूचना मिलने पर परिजन दिल्ली पहुंचे। बाद में आरोपी युवक भी थाने पहुंचा, जहां बॉंड पेपर भरवाने के बाद सभी को छोड़ दिया गया। इसके बाद रश्मि, उसकी मां और आरोपी युवक ब्रह्मपुत्र मेल से वापस भागलपुर के लिए रवाना हुए।
इसी दौरान, जैसे ही ट्रेन सबौर रेलवे स्टेशन पहुंची, आरोपी युवक ने रश्मि से उसका मोबाइल फोन मांगने की कोशिश की। जब रश्मि ने मोबाइल देने से इनकार किया तो आरोपी ने उसे चलती ट्रेन से नीचे धक्का दे दिया। इसके बाद वह खुद भी ट्रेन से कूद गया। घटना के समय रश्मि की मां बाथरूम गई हुई थी।
घटना की जानकारी मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल रश्मि को इलाज के लिए सबौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद परिजनों ने उसे बेहतर इलाज के लिए कहलगांव रेफरल अस्पताल ले जाया, जहां उसका इलाज जारी है।
घायल रश्मि ने बताया कि आरोपी युवक ने शादी का झांसा देकर उसे दिल्ली ले गया था, लेकिन वहां शादी नहीं की और उसे छोड़कर फरार हो गया। सबौर स्टेशन पर उसने जबरन मोबाइल मांगने के बाद उसे चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया, जिससे वह बेहोश हो गई।
गौरतलब है कि इससे पहले भी सबौर रेलवे स्टेशन पर लूटपाट के दौरान बदमाशों द्वारा एक युवक को चलती ट्रेन से नीचे फेंकने की घटना सामने आ चुकी है, जिसमें समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण युवक की मौत हो गई थी। इस मामले में जीआरपी थाना अध्यक्ष उमेश प्रसाद से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कॉल का जवाब नहीं दिया।





