BEGUSARAI: बेगूसराय जिला प्रशासन ने सदर अस्पताल में हुई गंभीर लापरवाही की घटना पर त्वरित संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई की है। सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी अशोक कुमार ने कर्तव्य में लापरवाही और अमानवीय व्यवहार के आरोप में दो चतुर्थवर्गीय कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
बता दें कि बेगूसरा सदर अस्पताल में एक मरीज के ऑपरेशन के बाद कटे हुए मानव अंग (पैर) के निस्तारण में निर्धारित बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन मानकों का पालन नहीं किया गया। संबंधित कर्मियों ने अंग को सुरक्षित तरीके से निस्तारित करने के बजाय कचरा ट्रॉली में छोड़ दिया, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
स्थिति उस समय और भयावह हो गई जब अगली सुबह अस्पताल परिसर के बाहर रखी ट्रॉली से एक आवारा कुत्ता उस कटे हुए अंग को मुंह में लेकर भागने लगा। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों और कर्मियों की तत्परता से स्थिति को नियंत्रित कर मानव अंग को निस्तारित किया गया।
इस घटना को प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लेते हुए दोषी कर्मियों सुनील कुमार मल्लिक और राजेश पासवान को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत निलंबित कर दिया है।
निलंबन अवधि के दौरान राजेश पासवान का मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बरौनी और सुनील कुमार मल्लिक का मुख्यालय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मटिहानी निर्धारित किया गया है। प्रशासन ने दोनों कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है और जल्द ही आरोप पत्र (चार्जशीट) जारी किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही या संवेदनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
बेगूसराय जिला प्रशासन ने सदर अस्पताल में घटित एक गंभीर घटना पर त्वरित संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई की है। इसी क्रम में 25 मार्च की शाम उप विकास आयुक्त (DDC) स्वयं सदर अस्पताल पहुंचकर पूरे मामले की जांच की और संबंधित व्यवस्था का निरीक्षण किया। जांच के दौरान बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन में गंभीर लापरवाही सामने आई।





