KISHANGANJ/ARARIA: आजादी के बाद पहली बार अररिया से गलगलिया तक सीधी ट्रेन चलाई गई। सीमांचल के लोगों की लंबे समय से चली आ रही यह मांग अब पूरी हो गई है। केंद्र सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत इस रेल लाइन का निर्माण कार्य अब पूरी तरह से संपन्न हो चुका है।
सोमवार को रेलवे अधिकारियों ने अररिया से गलगलिया तक ट्रेन द्वारा सफर कर इसका निरीक्षण किया। इस अवसर पर अररिया के सांसद प्रदीप सिंह भी उपस्थित थे। निरीक्षण यात्रा के दौरान उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है और जल्द ही इसका विधिवत उद्घाटन भी प्रधानमंत्री द्वारा किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि इस नई रेल सेवा से न सिर्फ यात्रा की दूरी कम होगी, बल्कि यात्रियों को पहले की तुलना में काफी कम खर्च में यात्रा करने की सुविधा भी मिलेगी। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
बंदे भारत ट्रेन की संभावना पर बोले सांसद
जब सांसद प्रदीप सिंह से इस रूट पर ‘वंदे भारत’ ट्रेन चलाने की संभावना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा, "मोदी हैं तो मुमकिन है। जनता की मांग पूरी होगी।" यह नई रेल लाइन न सिर्फ एक तकनीकी उपलब्धि है, बल्कि यह सीमांचल के विकास की दिशा में एक अहम कदम भी मानी जा रही है।




