इस अवसर पर उनके साथ कई सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे। राम प्रताप सिंह, टिंकू सिंह, विद्याभूषण सिंह, दीपक सिंह, यशवंत सिंह, नीरज सिंह, प्रिंस सिंह, अमरेश सिंह, राहुल सिंह, धीरज सिंह, सोनू सिंह, सुशील सिंह, मनोज सिंह एवं अन्य स्थानीय लोग मौजूद रहे। इस दौरान अजय सिंह ने कहा कि “हिंदी बोलना कोई अपराध नहीं है। महाराष्ट्र में बार-बार हिंदी भाषियों को निशाना बनाया जा रहा है जो भारत की एकता और अखंडता के खिलाफ है। हम यह अन्याय नहीं सहेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद करेंगे।”
अजय सिंह ने प्रशासन से मांग की कि महाराष्ट्र में हिंदी भाषियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने केंद्र सरकार से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की। स्थानीय लोगों ने उनके इस साहसिक कदम की प्रशंसा की और प्रशासन से अनुरोध किया कि वह इस गंभीर मामले को गंभीरता से लेकर तत्काल संज्ञान ले।


