ब्रेकिंग
बिहार सरकार की सख्ती का असर: काम पर लौटे 30 परीक्ष्यमान राजस्व अधिकारी, बाकी 31 के लिए डेडलाइन तय; क्या बोले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा?फर्स्ट बिहार-झारखंड का आरोग्य एक्सलेंस अवार्ड 2026: डॉक्टरों के सम्मान में सजी गौरवपूर्ण शाम, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, मंत्री अशोक चौधरी ने किया सम्मानितBihar Ips Officer: बिहार कैडर के 4 आईपीएस अफसरों को मिली प्रोन्नति, बनाए गए पुलिस महानिदेशक, जानें....नीतीश ने MLC से दिया इस्तीफा तो मांझी बोले..“तहरा जईसन केहू नईखें”Bihar Crime News: महिला की संदिग्ध मौत से सनसनी, पड़ोसी पर पीट-पीटकर हत्या करने का आरोपबिहार सरकार की सख्ती का असर: काम पर लौटे 30 परीक्ष्यमान राजस्व अधिकारी, बाकी 31 के लिए डेडलाइन तय; क्या बोले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा?फर्स्ट बिहार-झारखंड का आरोग्य एक्सलेंस अवार्ड 2026: डॉक्टरों के सम्मान में सजी गौरवपूर्ण शाम, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, मंत्री अशोक चौधरी ने किया सम्मानितBihar Ips Officer: बिहार कैडर के 4 आईपीएस अफसरों को मिली प्रोन्नति, बनाए गए पुलिस महानिदेशक, जानें....नीतीश ने MLC से दिया इस्तीफा तो मांझी बोले..“तहरा जईसन केहू नईखें”Bihar Crime News: महिला की संदिग्ध मौत से सनसनी, पड़ोसी पर पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप

एडवांटेज महफिल-ए-गजल कार्यक्रम 21 जून को, राधिका चोपड़ा पेश करेंगी गजल

PATNA : एडवांटेज लिटरेरी फेस्टिवल, उदयपुर टेल्स तथा अदबी संगम की ओर से आगामी रविवार 21 जून को डिजिटल प्लेटफार्म जूम (Zoom) पर होने वाले महफिल-ए-गजल कार्यक्रम की तैयारी जोरशोर से चल

एडवांटेज महफिल-ए-गजल कार्यक्रम 21 जून को, राधिका चोपड़ा पेश करेंगी गजल
Anurag Goel
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

PATNA : एडवांटेज लिटरेरी फेस्टिवल, उदयपुर टेल्स तथा अदबी संगम की ओर से आगामी रविवार 21 जून को डिजिटल प्लेटफार्म जूम (Zoom) पर होने वाले महफिल-ए-गजल कार्यक्रम की तैयारी जोरशोर से चल रही है। इस कार्यक्रम में देश की सुप्रसिद्ध गजल गायिका डॉ. राधिका चोपड़ा कोविड-19 के माहौल में लोगों को अपने गीतों से सुकून देने का प्रयास करेंगी। यह कार्यक्रम शाम 7.30 बजे से रात 9.00 बजे तक चलेगा तथा इस कार्यक्रम को देखने के लिए लोगों को 500 रूपये देकर advantagelit@gmail.com पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। आधी सीटें बुक हो चुकी हैं इसलिए जल्द से जल्द अपना रजिस्ट्रेशन करा लें। इस कार्यक्रम से मिलने वाली राशि को जनहित के काम में खर्च किया जायेगा।


यह जानकारी देते हुए एडवांटेज ग्रुप के संस्थापक और सीईओ खुर्शीद अहमद ने बताया कि एडवांटेज लिटरेरी फेस्टिवल के तहत इस त्योहारी माह मई-जून के तहत चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों को लोग काफी पसंद कर रहे हैं। यह कार्यक्रम लोगों को देखने के लिए आकर्षित कर रहा है। राधिका चोपड़ा भारत की एक बेहतरीन गजल गायिका के रूप में चर्चित हैं जिन्हे सुनने के लिए भीड़ जुटती है। उन्होंने कहा कि त्योहारी माह में अब तक मुशायरा, कव्वाली तथा अंदाज-ए-बयां को 567 लोगों ने लाइव देखा है। फेसबुक तथा यू ट्यूब पर कुल तीस हजार दर्शक दर्ज किये गये। इन कार्यक्रमों की खबरें (पोर्टल, अखबार, मैगजीन) द्वारा तीस लाख लोगों तक पहुंची। उन्होंने कहा कि हमने लोगों को नकारात्मकता से दूर रखने के लिए जूम (Zoom) पर इन कार्यक्रमों को कराने का फैसला किया। सकारत्मक सोचने पर मन में ऊर्जा पैदा होती है जो इंसान को अच्छे काम करने को प्रोत्साहित करता है।

उन्होंने कहा कि आगामी 28 जुलाई को मुशायरा पार्ट 2 का आयोजन किया जायेगा जिसमें नामचीन शायर भाग लेंगे। पांच जुलाई को सूफी सिंगर सलामत खान की टीम का कार्यक्रम है। सलामत राजस्थान के जैसलमेर के रहने वाले हैं। वे सूफी के अलावा और भी गीत गाते हैं। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए एडवांटेज लिटरेरी फेस्टिवल की कोर कमेटी के सदस्य फैजान अहमद, ओबेदुर रहमान, फहीम अहमद, डॉ. वकार अहमद, खालिद रशीद, अहमद साद, एजाज अहमद, अनवारूल होदा, शिव चतुर्वेदी, अनवर जमाल, शोमेला तहजीब, अध्यक्ष डॉ. ए.ए. हई तथा सचिव खुर्शीद अहमद की देखरेख में आयोजन की तैयारी कर रहे हैं। 


एडवांटेज लिटरेरी फेस्टिवल आयोजित करने वाली कंपनी एडवांटेज सपोर्ट एडवांटेज ग्रुप की सी.एस.आर कंपनी है। इस कंपनी के ट्रस्टी डॉ. ए.ए. हई, डॉ. रंजना कुमारी, संजीव बोस, राजीव सोनी, संजय सलिल, खुर्शीद अहमद, सैयद सुलतान अहमद, राजीव रंजन, ओवी शलवेन, सैयद सबा करीम एवं चंद्रमणी सिंह हैं।



आइए एक नजर डालते हैं डॉ. राधिका चोपड़ा की उपलब्धियों पर : 


दिल्ली की रहने वाली डॉ. राधिका चोपड़ा का जन्म जम्मू में हुआ था। शुरू में उन्होंने पंडित जे.आर.शर्मा तथा शांति हीरानन्द जी (बेगम अख्तर घराना) से प्रशिक्षण प्राप्त किया। वह एक अत्यंत प्रतिभाशाली और बहुमुखी कलाकार है जिन्हें दुर्लभ कलाकार की संज्ञा दी जा सकती है। भारतीय शास्त्रीय संगीत में डॉक्टरेट करने वाली राधिका की मांग न सिर्फ भारत, पाकिस्तान बल्कि ब्रिटेन, मध्य पूर्व, अमेरिका, पूर्वी अफ्रीका में भी है। राधिका को गजल गायिकी में योगदान के लिए वार्षिक उर्दू अकादमी पुरस्कार 2019 से नवाजा गया। वे भारत के सभी प्रमुख त्योहारों जहां-ए-खुसरो, जश्न-ए-रेख्ता, जश्न-ए-अदब, गजल बहार आदि में भी अपनी गायकी का जलवा दिखा चुकी हैं।

टैग्स
इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Anurag Goel

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें