Shiva Stotra: सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित है। इस दिन भक्तगण शिव जी की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं। ऐसा माना जाता है कि सोमवार का व्रत करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य का वरदान मिलता है और अविवाहित युवाओं के विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं। साथ ही यह व्रत जीवन में सुख-शांति और समृद्धि लाता है।
पूजा विधि
स्नान-ध्यान: सोमवार के दिन सुबह स्नान के बाद साफ और श्वेत वस्त्र धारण करें।
आचमन: पूजा से पहले आचमन करें और अपनी शुद्धि का संकल्प लें।
अभिषेक: भगवान शिव का अभिषेक गंगाजल, दूध, दही, शहद और पंचामृत से करें।
पूजन: शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, और भस्म चढ़ाएं।
स्तोत्र पाठ: भक्ति भाव से दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र का पाठ करें।
दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र
यह स्तोत्र विशेष रूप से भगवान शिव की स्तुति और गरीबी एवं दुखों से मुक्ति के लिए किया जाता है। इसका नियमित पाठ करने से घर में धन, सुख और समृद्धि का आगमन होता है।
स्तोत्र के श्लोक
विश्वेश्वराय नरकार्णवतारणाय...
भगवान शिव को प्रणाम, जो शशि शेखर हैं और दुखों का नाश करते हैं।
गौरीप्रियाय रजनीशकलाधराय...
शिव, जो गौरी के प्रिय हैं और संसार सागर से तारने वाले हैं।
भक्तप्रियाय भवरोगभयापहाय...
वे, जो भक्तों के प्रिय हैं और भय एवं रोगों को दूर करते हैं।
लाभ
धन की समस्या और गरीबी से मुक्ति मिलती है।
घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
कारोबार में उन्नति और तरक्की के अवसर प्राप्त होते हैं।
जीवन में सभी प्रकार की बाधाओं और परेशानियों का समाधान होता है।
विशेष उपाय
अगर कोई आर्थिक संकट से जूझ रहा है तो रोजाना पूजा के समय दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र का पाठ करें।
सोमवार को विशेष रूप से शिवलिंग का अभिषेक करें और शिव स्तुति में ध्यान लगाएं।
भगवान शिव के साथ माता पार्वती की पूजा भी करें।
नोट: यह स्तोत्र जीवन में सुख और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है और भगवान शिव के आशीर्वाद से हर प्रकार की समस्याओं को दूर करता है।





