Dhirendra Shastri: ओडिशा के जगन्नाथ पुरी में चल रही पांच दिवसीय श्री हनुमंत कथा के दौरान पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने धर्मांतरण और गोहत्या के मुद्दों पर कड़ा बयान दिया। पंडित शास्त्री ने हिंदू समुदाय से अपील की कि वे लैंड जिहाद और गौ जिहाद के खिलाफ आवाज उठाएं और अपनी धार्मिक पहचान और संस्कृति की रक्षा के लिए एकजुट हों।
पंडित शास्त्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "उड़ीसा में धर्मांतरण को रोकना अनिवार्य है। हिंदुत्व का ध्वज यहां भी फहराना जरूरी है।" उन्होंने हिंदू समाज से यह भी कहा कि उन्हें इन मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करनी होगी और किसी की बातों में नहीं आना चाहिए। इसके साथ ही पंडित शास्त्री ने राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे अच्छे कार्यों की सराहना भी की और कहा कि सरकार को उनके प्रयासों के लिए साधुवाद दिया।
गौ माता की हत्या पर पंडित शास्त्री का बयान
पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने हिंदू धर्म के प्रति अपनी श्रद्धा को जाहिर करते हुए गौ माता की हत्या को गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा, "यह देश का दुर्भाग्य है कि हिंदू कुत्ते पालने में माहिर हैं, लेकिन गोमाता की रक्षा नहीं कर पा रहे।" पंडित शास्त्री ने हिंदुओं से अपील की कि वे गायों की रक्षा करें और गौरक्षा के लिए हर संभव प्रयास करें।
भगवान जगन्नाथ की महिमा
पंडित शास्त्री ने जगन्नाथ पुरी में भगवान जगन्नाथ की महिमा का बखान करते हुए कहा, "पुरी की इस पावन धरती पर भगवान जगन्नाथ साक्षात विराजमान हैं।" उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में जब गंगा, यमुना जैसी तीर्थ नदियाँ विलुप्त हो जाएंगी, तब भी भगवान जगन्नाथ का देवत्व हमेशा रहेगा और उनका आशीर्वाद लोगों पर बना रहेगा।
पंडित धीरेन्द्र शास्त्री का यह बयान हिंदू समाज को एकजुट होने और अपनी संस्कृति तथा धार्मिक आस्थाओं की रक्षा के लिए प्रेरित करता है। उनका यह संदेश हिंदू समुदाय के भीतर एक नई जागरूकता और शक्ति का संचार कर रहा है, जो विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर एकजुट होकर अपनी पहचान बनाए रखने में सहायक होगा।





