ब्रेकिंग
UCC पर डॉ प्रेम कुमार का बड़ा बयान, बोले- ‘एक देश, एक कानून’ पूरे भारत में लागू होमंत्री अशोक चौधरी बने असिस्टेंट प्रोफेसर, पटना के एएन कॉलेज में ली पहली क्लासनीतीश कुमार पर प्रशांत किशोर ने बोला बड़ा हमला, कहा..अब JDU भी परिवारवाद से अछूता नहीं रहा हाजीपुर में निगरानी की बड़ी कार्रवाई, 50 हजार घूस लेते खनन विभाग के दो कर्मचारी रंगेहाथ गिरफ्तारपटना में रामनवमी पर हाई अलर्ट, महावीर मंदिर समेत प्रमुख स्थलों पर कड़ी सुरक्षा के प्रबंधUCC पर डॉ प्रेम कुमार का बड़ा बयान, बोले- ‘एक देश, एक कानून’ पूरे भारत में लागू होमंत्री अशोक चौधरी बने असिस्टेंट प्रोफेसर, पटना के एएन कॉलेज में ली पहली क्लासनीतीश कुमार पर प्रशांत किशोर ने बोला बड़ा हमला, कहा..अब JDU भी परिवारवाद से अछूता नहीं रहा हाजीपुर में निगरानी की बड़ी कार्रवाई, 50 हजार घूस लेते खनन विभाग के दो कर्मचारी रंगेहाथ गिरफ्तारपटना में रामनवमी पर हाई अलर्ट, महावीर मंदिर समेत प्रमुख स्थलों पर कड़ी सुरक्षा के प्रबंध

गणेश चतुर्थी 2025: घर में कितने दिन तक रख सकते हैं बप्पा की मूर्ति? जानिए.. पंचदेवों की पूजा और महत्व

Ganesh Chaturthi 2025: गणेश चतुर्थी का पर्व भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मनाया जाता है, जिसमें भगवान गणेश के साथ पंचदेवों की पूजा का विशेष महत्व है। मूर्ति स्थापना से लेकर विसर्जन तक कई नियमों का पालन करना आवश्यक होता है।

Ganesh Chaturthi 2025
प्रतिकात्मक
© google
Mukesh Srivastava
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

Ganesh Chaturthi 2025: गणेश चतुर्थी सनातन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है, जो भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व विशेष रूप से महाराष्ट्र में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से पूरे देश में इस पर्व के प्रति लोगों की आस्था और उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है।


इस वर्ष भी अगले सप्ताह गणेश चतुर्थी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस दौरान लोग घरों और पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर उनका भव्य स्वागत करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भक्तगण गणेश जी की प्रतिमा को कुछ दिनों तक अपने घरों में स्थापित कर पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं।


पंचदेवों की पूजा का महत्व

शास्त्रों के अनुसार, गणेश चतुर्थी के दिन केवल गणपति जी की नहीं, बल्कि पंचदेवों की पूजा करना भी अत्यंत शुभ माना गया है। इन पंचदेवों में भगवान गणेश, भगवान शिव, भगवान विष्णु, मां गौरी (पार्वती जी) और सूर्यदेव शामिल हैं। मान्यता है कि विधिपूर्वक पंचदेवों की पूजा करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं, सुख-समृद्धि बनी रहती है और दुखों का अंत होता है।


गणेश स्थापना के नियम

गणेश चतुर्थी से जुड़ी कुछ आवश्यक नियम भी होते हैं, जिनका पालन करना जरूरी माना जाता है। गणेश प्रतिमा की स्थापना के बाद रोज़ाना विधिपूर्वक पूजन और भोग अर्पण अवश्य करें। श्रद्धानुसार गणेश जी की प्रतिमा को 1.5 दिन, 3 दिन, 5 दिन, 7 दिन या पूर्ण 10 दिन तक घर में रखा जा सकता है। विसर्जन से पहले संकल्प के अनुसार सेवा-सत्कार और पूजा करना अनिवार्य होता है।


डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक मान्यताओं और लोकपरंपराओं पर आधारित हैं। हम इस बात का दावा नहीं करते कि यह पूर्णतः सत्य और सटीक हैं। अधिक जानकारी के लिए किसी योग्य धार्मिक गुरु या विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें