DESK : कोरोना संकट के बीच आज हर साल की तरह इस साल भी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जा रही है. लेकिन कोरोना संकट के इस काल में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कड़ी शर्तों के साथ भगवान की रथयात्रा निकाली जा रही है. लेकिन नजारा बेहद अलग है. न पहले जैसी भीड़ है और न ही भक्तों की आवाजाही.
भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा देवी को गर्भगृह से लाकर रथों में विराजित कर दिया गया है. 2500 साल से ज्यादा पुराने रथयात्रा के इतिहास में पहली बार ऐसा मौका है जब भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकलेगी, लेकिन भक्त घरों में कैद हैं.
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कुछ प्रतिबंधों के साथ कोरोना वायरस महामारी के बीच वार्षिक रथ यात्रा को आयोजित करने की अनुमति दी है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार 500 लोगों के साथ रथयात्रा निकाले जाने की अनुमति मिली है.सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत सोमवार रात 9 बजे से ही पुरी में कर्फ्यू लगा दिया गया है, जो बुधवार दोपहर 2 बजे तक जारी रहेगा, इस दौरान किसी को घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं है. वहीं रथयात्रा की शुरुआत से पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी शुभकामनाएं दी है.





