Brijbihari Murder Case: बिहार के पूर्व मंत्री बृजबिहारी प्रसाद हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे मुन्ना शुक्ला को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने बृजबिहारी प्रसाद हत्याकांड में दोषी पाए गए आरजेडी के पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला की उम्रकैद की सजा का बरकरार रखा है और सजा को लेकर दायर पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है।
दरअसल, बिहार सरकार के तत्कालीन मंत्री बृजबिहारी प्रसाद की साल 1998 में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह उस समय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री थे और इंजीनियरिंग एडमिशन घोटाले में आरोपी थे। गिरफ्तारी के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें पटना के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां टहलते वक्त उन पर हमला कर गोली मार दी गई थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी।
बृजबिहारी प्रसाद की हत्या के बाद, इस मामले में बिहार के बाहुबली सूरजभान सिंह और मुन्ना शुक्ला समेत 8 आरोपियों को 2009 में निचली अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी, लेकिन 2014 में पटना हाईकोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया था। इसके बाद, बृजबिहारी प्रसाद की पत्नी रमा देवी और केंद्रीय सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी और 2014 के पटना हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी।
4 अक्टूबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में मुन्ना शुक्ला और मंटू तिवारी की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा था जबकि सूरजभान सिंह और राजन तिवारी सहित अन्य आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद मुन्ना शुक्ला और अन्य ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्रविचार याचिका दाखिल की थी। पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने विचार करने से इनकार कर दिया आर याचिका को खारिज कर दिया है।


