ब्रेकिंग
बिहार में विकास कार्यों में सुस्ती पर प्रधान सचिव ने अफसरों को हड़काया, कहा- काम में देरी करने वाले अव्वल दर्जे के चोरमोतिहारी शराब कांड: दो और लोगों की गई जान, मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हुई, कई का अब भी इलाज जारीपटना में बनेगा बिहार का पहला LPG शवदाह गृह, हाईटेक और प्रदूषण मुक्त होगा अंतिम संस्काररंगेहाथ धरा गए गामा चा: रात के अंधेरे में लड़की के साथ पकड़े गए JDU नेता, वीडियो हो गया वायरलबिहार के मदरसे में रची जा रही थी कौन सी बड़ी साजिश? पुलिस की छापेमारी में पिस्टल बरामद, मदरसा को किया सील, हिरासत में तीन संदिग्धबिहार में विकास कार्यों में सुस्ती पर प्रधान सचिव ने अफसरों को हड़काया, कहा- काम में देरी करने वाले अव्वल दर्जे के चोरमोतिहारी शराब कांड: दो और लोगों की गई जान, मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हुई, कई का अब भी इलाज जारीपटना में बनेगा बिहार का पहला LPG शवदाह गृह, हाईटेक और प्रदूषण मुक्त होगा अंतिम संस्काररंगेहाथ धरा गए गामा चा: रात के अंधेरे में लड़की के साथ पकड़े गए JDU नेता, वीडियो हो गया वायरलबिहार के मदरसे में रची जा रही थी कौन सी बड़ी साजिश? पुलिस की छापेमारी में पिस्टल बरामद, मदरसा को किया सील, हिरासत में तीन संदिग्ध

शिक्षक नियुक्ति में तेजस्वी औऱ राजद को कोई श्रेय नहीं: नीतीश बोले-मैं तो अपने 2020 के एजेंडे को पूरा कर रहा हूं

PATNA: पटना के गांधी मैदान में शनिवार को फिर से बड़ा सरकारी जलसा आयोजित कर नवनियुक्त 98 हजार से ज्यादा शिक्षकों को नियुक्ति पत्र बांटे गये. काफी दिनों से सरकारी कार्यक्रमों में भाष

शिक्षक नियुक्ति में तेजस्वी औऱ राजद को कोई श्रेय नहीं: नीतीश बोले-मैं तो अपने 2020 के एजेंडे को पूरा कर रहा हूं
Jitendra Vidyarthi
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

PATNA: पटना के गांधी मैदान में शनिवार को फिर से बड़ा सरकारी जलसा आयोजित कर नवनियुक्त 98 हजार से ज्यादा शिक्षकों को नियुक्ति पत्र बांटे गये. काफी दिनों से सरकारी कार्यक्रमों में भाषण देने से परहेज कर रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस कार्यक्रम में भाषण भी दिया. उनके भाषण के एक बात सबसे अहम रही. बिहार में जो सरकारी नौकरी दी जा रही है वह नीतीश के 2020 के एजेंडे के तहत दी जा रही है. इसमें तेजस्वी यादव और राजद को कोई श्रेय नहीं जाता है.


क्या बोले नीतीश?

दरअसल नियुक्ति पत्र बांटने के कार्यक्रम में नीतीश कुमार ने कहा कि वे अपने सात निश्चय-2 के तहत बेरोजगारों को सरकारी नौकरी दे रहे हैं. सात निश्चय-2 के तहत ही कुछ महीने पहले करीब 1 लाख 20 हजार शिक्षकों की नियुक्ति हुई और आज 98 हजार से ज्यादा शिक्षकों को नौकरी दी जा रही है. नीतीश कुमार ने एक दफे भी नहीं कहा कि ये उस वक्त का एजेंडा है जब राजद के साथ मिलकर नयी सरकार बनी थी.


अब जानिये कि सात निश्चय-2 क्या है. नीतीश कुमार ने 2015 में सात निश्चय-1 की शुरूआत की थी. उसमें अलग-अलग सात काम को पूरा करना था, जिसमें हर गांव में नल का पानी, हर गली तक को पक्का करना, हर बेरोजगार को भत्ता देना, हर घर तक बिजली पहुंचाना जैसे निश्चय शामिल थे. 2020 के विधानसभा चुनाव के समय नीतीश कुमार ने कहा था कि अगर अब सरकार बनी तो वे अपना सात निश्चय पार्ट 2 को अमल में लायेंगे. नीतीश ने जब ये एलान किया था तब वे भाजपा के साथ थे. चुनाव भी भाजपा के साथ मिलकर लड़ा और सरकार भी बीजेपी के साथ ही बनायी थी.


कुल मिलाकर कहें तो नीतीश कुमार ने राजद को नौकरी का एक पैसा भी श्रेय देने से परहेज किया. वैसे तेजस्वी यादव बार-बार ये कह रहे हैं कि जो सरकारी नौकरी दी जा रही है वह राजद के साथ मिलकर बनायी गयी सरकार का एजेंडा है. तेजस्वी औऱ उनकी पार्टी के दूसरे नेता बार-बार ये बताने की कोशिश करते हैं कि सरकारी नौकरियां देने का श्रेय राजद को जाता है. लेकिन वे अपनी बात नीतीश कुमार को ही नहीं समझा पा रहे हैं. 


गांधी मैदान में नियुक्ति पत्र बांटने के दौरान आज नीतीश कुमार ने लालू-राबड़ी सरकार के समय की गड़बड़ियों की भी याद दिलायी. उन्होंने कहा कि जब 2005 में वे सरकार में आये थे तो बिहार के 12 परसेंट से ज्यादा बच्चे स्कूल नहीं जाते थे. नीतीश बोले-जब हमारी सरकार आयी तो हमने सारे बच्चों को स्कूल भेजा. नीतीश कुमार ने कहा कि अब वे सारे स्कूलों की बिल्डिंग बनाने के साथ साथ वहां सुविधायें देने के लिए काम कर रहे हैं. इसके लिए 7 हजार 200 करोड़ से भी ज्यादा रूपये दिये जा चुके हैं. नीतीश ने इस काम के लिए भी अपनी पार्टी के मंत्री विजय चौधरी का नाम लिया. उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री विजय चौधरी ने ये राशि स्वीकृत की है.


इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें