ब्रेकिंग
EOU का भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार, DSP के छह ठिकानों पर छापेमारी... DRDA डायरेक्टर के घर की भी हो रही तलाशीLPG किल्लत और बढ़ती महंगाई के खिलाफ सरकार को घेरने की तैयारी में बिहार कांग्रेस, वरिष्ठ नेताओं का पैनल तैयारबिहार में दिन में सस्ती और शाम में महंगी बिजली, हर महीने बचेंगे इतने रूपए; पावर कंपनी ने गिनाए फायदेआपको बर्खास्त क्यों नहीं किया जाए? बिहार सरकार ने 69 राजस्व अधिकारियों को भेजा नोटिस, इस दिन तक जवाब नहीं दिया तो एक्शन तयBihar Weather Alert: बिहार के 18 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट, आंधी-बारिश के साथ वज्रपात की चेतावनी; 48 घंटे बाद होगा यह बदलावEOU का भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार, DSP के छह ठिकानों पर छापेमारी... DRDA डायरेक्टर के घर की भी हो रही तलाशीLPG किल्लत और बढ़ती महंगाई के खिलाफ सरकार को घेरने की तैयारी में बिहार कांग्रेस, वरिष्ठ नेताओं का पैनल तैयारबिहार में दिन में सस्ती और शाम में महंगी बिजली, हर महीने बचेंगे इतने रूपए; पावर कंपनी ने गिनाए फायदेआपको बर्खास्त क्यों नहीं किया जाए? बिहार सरकार ने 69 राजस्व अधिकारियों को भेजा नोटिस, इस दिन तक जवाब नहीं दिया तो एक्शन तयBihar Weather Alert: बिहार के 18 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट, आंधी-बारिश के साथ वज्रपात की चेतावनी; 48 घंटे बाद होगा यह बदलाव

बिहार में नक्सलियों को मजबूत करने में लगी हैं कुछ पार्टियां, फंडिंग का कनेक्शन मिलने के बाद एजेंसियां चौकस

PATNA : बिहार में यूं तो नक्सलियों की कमर टूट चुकी है। नक्सल आंदोलन की धार भी बेहद कमजोर पड़ चुकी है और जो जिले कभी नक्सल प्रभावित हुआ करते थे, आज वहां सब कुछ सामान्य नजर आता

बिहार में नक्सलियों को मजबूत करने में लगी हैं कुछ पार्टियां, फंडिंग का कनेक्शन मिलने के बाद एजेंसियां चौकस
First Bihar
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

PATNA : बिहार में यूं तो नक्सलियों की कमर टूट चुकी है। नक्सल आंदोलन की धार भी बेहद कमजोर पड़ चुकी है और जो जिले कभी नक्सल प्रभावित हुआ करते थे, आज वहां सब कुछ सामान्य नजर आता है। लेकिन केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के पास जो नई जानकारी पहुंची है वह बिहार में नक्सल समस्या को लेकर कान खड़े कर देने वाली है। दरअसल केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को यह इनपुट मिला है कि बिहार में नक्सलियों को आर्थिक मदद पहुंचाई जा रही है। इस काम में कुछ राजनीतिक दल लगे हुए हैं। इन पॉलिटिकल पार्टियों के जरिए नक्सलियों को फंडिंग की जा रही है और इसकी शुरुआती जानकारी मिलने के बाद एजेंसी आज जांच में जुट गई है।



सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को इस बात की जानकारी मिली है कि बिहार में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने के साथ ही यहां गुपचुप तरीके से नक्सली मूवमेंट को फंडिंग बढ़ाई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले में जांच को आगे बढ़ा रही हैं। नक्सली मूवमेंट को जो लोग गुपचुप तरीके से फंडिंग कर रहे हैं उन पर इन एजेंसियों की नजर है। आपको बता दें कि इस मामले में एनआईए ने पिछले दिनों विजय आर्य और उमेश को रोहतास में दर्ज एक मामले को लेकर गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए नक्सलियों ने एनआईए को कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं।



प्रतिबंधित संगठन सीपीआई माओवादी की सेंट्रल कमेटी के एक्टिव सदस्य विजय आर्य और उसके सहयोगी उमेश के मुताबिक बिहार में नए सदस्यों की भर्ती के लिए मूवमेंट चलाया गया था। गया और रोहतास जिले में एक्टिविटी हुई थी इसके लिए मोटी फंडिंग भी मुहैया कराई गई थी। इस फंडिंग का इस्तेमाल पर्चे छपवा ने और बाकी नक्सली एक्टिविटी के ऊपर किया गया। जानकारी के मुताबिक के एक बार फिर से लेवी सिस्टम को एक्टिव करने में कुछ लोग लगे हुए हैं कुछ पॉलिटिकल पार्टियां जो बैकअप दे रही हैं उन पर अब एजेंसियों की नजर है।

टैग्स
इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

First Bihar

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें