ब्रेकिंग
पटना शास्त्री नगर गोलीकांड में बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार; मुख्य शूटर अब भी फरारप्यार अंधा होता है: दो बच्चों को छोड़ मां प्रेमी संग फरार, 9 साल पहले हुई थी शादी Bihar News: बिहार की गांवों को राजमार्ग से जोड़ने की तैयारी....अब गांव से हाईवे तक सफर आसान बिहार के इस जिले में प्राइवेट स्कूलों पर नकेल, एडमिशन में मनमाना वसूली पर प्रशासन सख्त; DM ने दिए जांच के आदेशवियतनाम में मौत के बाद नहीं लौट पाई पटना के व्यवसायी का पार्थिव शरीर, परिजनों ने सरकार से लगाई गुहारपटना शास्त्री नगर गोलीकांड में बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार; मुख्य शूटर अब भी फरारप्यार अंधा होता है: दो बच्चों को छोड़ मां प्रेमी संग फरार, 9 साल पहले हुई थी शादी Bihar News: बिहार की गांवों को राजमार्ग से जोड़ने की तैयारी....अब गांव से हाईवे तक सफर आसान बिहार के इस जिले में प्राइवेट स्कूलों पर नकेल, एडमिशन में मनमाना वसूली पर प्रशासन सख्त; DM ने दिए जांच के आदेशवियतनाम में मौत के बाद नहीं लौट पाई पटना के व्यवसायी का पार्थिव शरीर, परिजनों ने सरकार से लगाई गुहार

‘बर्बाद हो जाएगा बिहार के बच्चों का भविष्य’ केके पाठक के इस आदेश पर भड़की कांग्रेस

PATNA: बिहार में धवस्त हो चुकी शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए शिक्षा विभाग के एसीएस केके पाठक लगातार सख्त फैसले ले रहे हैं। पिछले दिनों केके पाठक ने आदेश दिया था कि लग

‘बर्बाद हो जाएगा बिहार के बच्चों का भविष्य’ केके पाठक के इस आदेश पर भड़की कांग्रेस
Mukesh Srivastava
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

PATNA: बिहार में धवस्त हो चुकी शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए शिक्षा विभाग के एसीएस केके पाठक लगातार सख्त फैसले ले रहे हैं। पिछले दिनों केके पाठक ने आदेश दिया था कि लगातार 15 दिनों तक स्कूल से गायब रहने वाले बच्चों का नाम काट दिया जाएगा। केके पाठक के इस आदेश का असर दिखा और राज्यभर के स्कूलों से 20 लाख से अधिक बच्चों का नाम काट दिया गया। केके पाठक के इस फैसले को लेकर अब सियासत शुरू हो गई है।


राज्यभर के स्कूलों से बीस लाख से अधिक बच्चों का नाम काटे जाने पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा ने इसको लेकर नाराजगी जताई है और कहा है कि केके पाठक का यह फैसला पूरी तरह से गलत है। अजीत शर्मा ने कहा है कि 15 दिनों तक जो बच्चे स्कूल नहीं आए उनका नाम काटा गया है, यह काफी गलत है। विधायक ने कहा कि विभाग को पहले बच्चों और उनके अभिभावकों यह जानकारी देनी चाहिए थी कि अगर स्टूडेंट 15 दिन तक अबसेंट रहेंगे तो उनका नाम काट दिया जाएगा और वो परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे लेकिन ऐसा नहीं किया गया।


उन्होंने कहा है कि शिक्षा विभाग के इस फैसले से बच्चों के भविष्य पर असर पड़ेगा और जिन बच्चों का नाम काटा गया है उनका पूरा करियर ही बर्बाद हो जाएगा। बच्चे देश के भविष्य होते हैं, आपने सीधे उनका नाम स्कूलों से काट दिया, कम से कम उनको इसकी खबर तो देनी चाहिए थी कि आप ऐसा करने जा रहे हैं।


बता दें कि लगातार 15 दिनों से अधिक समय तक स्कूलों से गायब रहने वाले छात्र-छात्राओं के खिलाफ शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। एसीएस केके पाठक के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने राज्यभर के 20 लाख 87 हजार 63 बच्चों का नाम स्कूलों से काट दिया है। इसमें 9वीं से 12वीं तक के बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी संख्या दो लाख से अधिक है। ऐसे में इन बच्चों की मैट्रिक और इंटर की परीक्षा भी प्रभावित हो जाएगी और इसका असर उनके भविष्य पर पड़ेगा।



इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें