ब्रेकिंग
सोन नहर के किनारे लगेगा 10 मेगावाट सोलर प्लांट, बिहार में ग्रीन एनर्जी को मिलेगा बढ़ावाबिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी, इतने छात्र-छात्रा हुए सफल; ऐसे चेक करें नतीजेघर के बाहर खेल रही चार साल की मासूम को मारी गोली, सिर के आर-पार हुई बुलेट; हालत नाजुकबिहार के तीन लापरवाह थानेदार पर गिरी गाज, एसपी ने ले लिया बड़ा एक्शन; पुलिस महकमे में मचा हड़कंपपटना में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ फिर गरजेगा जिला प्रशासन का बुलडोजर, इस दिन से शुरू होगा विशेष अभियानसोन नहर के किनारे लगेगा 10 मेगावाट सोलर प्लांट, बिहार में ग्रीन एनर्जी को मिलेगा बढ़ावाबिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी, इतने छात्र-छात्रा हुए सफल; ऐसे चेक करें नतीजेघर के बाहर खेल रही चार साल की मासूम को मारी गोली, सिर के आर-पार हुई बुलेट; हालत नाजुकबिहार के तीन लापरवाह थानेदार पर गिरी गाज, एसपी ने ले लिया बड़ा एक्शन; पुलिस महकमे में मचा हड़कंपपटना में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ फिर गरजेगा जिला प्रशासन का बुलडोजर, इस दिन से शुरू होगा विशेष अभियान

ज्ञानपीठ पुरस्कार 2023 का एलान, गीतकार गुलजार और जगद्गुरु रामभद्राचार्य को सम्मान

DELHI: उर्दू के मशहूर कवि और गीतकार गुलजार और संस्कृत के विद्वान जगद्गुरु रामभद्राचार्य को 58वें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। ज्ञानपीठ चयन समिति ने शनिवार को इसका ऐलान

ज्ञानपीठ पुरस्कार 2023 का एलान, गीतकार गुलजार और जगद्गुरु रामभद्राचार्य को सम्मान
Mukesh Srivastava
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

DELHI: उर्दू के मशहूर कवि और गीतकार गुलजार और संस्कृत के विद्वान जगद्गुरु रामभद्राचार्य को 58वें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। ज्ञानपीठ चयन समिति ने शनिवार को इसका ऐलान किया है। गुलजार और जगद्गुरु रामभद्राचार्य का चयन इस इस अवार्ड के लिए किया गया है।


दरअसल, ज्ञानपीठ पुरस्कार भारतीय ज्ञानपीठ न्यास द्वारा भारतीय साहित्य के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है। भारत का कोई भी नागरिक जो आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में से किसी भी भाषा में लिखता हो, तो वह इस पुरस्कार के योग्य है। पुरस्कार में ग्यारह लाख रुपये की धनराशि, प्रशस्तिपत्र और वाग्देवी की कांस्य प्रतिमा दी जाती है।


ज्ञानपीठ पुरस्कार 2023 के लिए जिन दोनों हस्तियों को चुना गया है वे अपने-अपने क्षेत्र में काफी मशहूर हैं। एक तरफ जहां गुलजार ने गीत लेखन के अलावा गजल और कविता के क्षेत्र में महारथ हासिल की है। वहीं, जन्म से नहीं देख पाने के बावजूद जगद्गुरु रामभद्राचार्य संस्कृत और वेद और पुराणों की विद्वान हैं। चित्रकूट में तुलसी पीठ के संस्थापक और प्रमुख रामभद्राचार्य एक मशहूर हिंदू आध्यात्मिक नेता, शिक्षक और 100 से अधिक पुस्तकों के लेखक हैं।

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें