ब्रेकिंग
बड़ा हादसा टला: रामनवमी जुलूस के दौरान तेज आंधी तूफान से बीच सड़क पर गिर गया एलईडी गेट, डाकबंगला में मची अफरातफरी बिहार में शराबबंदी कानून की उड़ाई जा रही धज्जियां, समस्तीपुर मेले में काउंटर लगाकर खुलेआम बिक रही शराब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत लगाएंगे जनता दरबार, कहा..समस्याओं का होगा तुरंत समाधानरामनवमी पर डाकबंगला में भव्य कार्यक्रम: मनोज तिवारी के गानों पर झूमने लगे लोग, जय श्रीराम के नारे से गूंज उठा श्रीराम चौक रामनवमी जुलूस के दौरान अचानक होने लगी निशांत की सादगी की चर्चा, मंच पर खड़े सरदार जी को खुद कुर्सी पर बिठाने लगे सीएम के बेटे बड़ा हादसा टला: रामनवमी जुलूस के दौरान तेज आंधी तूफान से बीच सड़क पर गिर गया एलईडी गेट, डाकबंगला में मची अफरातफरी बिहार में शराबबंदी कानून की उड़ाई जा रही धज्जियां, समस्तीपुर मेले में काउंटर लगाकर खुलेआम बिक रही शराब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत लगाएंगे जनता दरबार, कहा..समस्याओं का होगा तुरंत समाधानरामनवमी पर डाकबंगला में भव्य कार्यक्रम: मनोज तिवारी के गानों पर झूमने लगे लोग, जय श्रीराम के नारे से गूंज उठा श्रीराम चौक रामनवमी जुलूस के दौरान अचानक होने लगी निशांत की सादगी की चर्चा, मंच पर खड़े सरदार जी को खुद कुर्सी पर बिठाने लगे सीएम के बेटे

हम नहीं सुधरेंगे की तर्ज पर काम कर रहे घूसखोर, विकलांगता सर्टिफिकेट बनाने के नाम पर घूस लेते ACB ने क्लर्क को दबोचा

DHANBAD: झारखंड में विकलांगता सर्टिफिकेट के नाम पर भी लोग घूस ले रहे हैं। ताजा मामला धनबाद का है जहां सिविल सर्जन कार्यालय में तैनात क्लर्क उमेश कुमार सिंह को एंटी करप्शन ब्यू

हम नहीं सुधरेंगे की तर्ज पर काम कर रहे घूसखोर, विकलांगता सर्टिफिकेट बनाने के नाम पर घूस लेते ACB ने क्लर्क को दबोचा
Jitendra Vidyarthi
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

DHANBAD: झारखंड में विकलांगता सर्टिफिकेट के नाम पर भी लोग घूस ले रहे हैं। ताजा मामला धनबाद का है जहां सिविल सर्जन कार्यालय में तैनात क्लर्क उमेश कुमार सिंह को एंटी करप्शन ब्यूरों (ACB) ने रंगेहाथ 4 हजार रूपये घूस लेते गिरफ्तार किया है। 


विकलांगता सर्टिफिकेट बनाने के नाम पर 4 हजार रूपये घूस लेते उमेश सिंह को ACB ने पकड़ा है। एंटी करप्शन ब्यूरो की इस कार्रवाई से सिविल सर्जन कार्यालय के कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया है। बताया जाता है कि उमेश सिंह के द्वारा घूस लेने की शिकायत लगातार मिल रही थी। जरूरतमंद जब विकलांगता सर्टिफिकेट बनाने सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचते थे तो बिना पैसे दिये सर्टिफिकेट नहीं मिलता था। 


खुद उमेश सिंह पैसे का डिमांड करते थे। एंटी करप्शन ब्यूरो को यह सूचना मिल रही थी कि सिविल सर्जन कार्यालय में हर एक काम का रेट फिक्स है और उसी आधार पर वहां घूस लेने का खेल चलता है। सूचना मिलने के बाद एससीबी ने योजना बनाकर उमेश सिंह को चार हजार रूपये घुस लेते दबोचा। फिलहाल एंटी करप्शन की टीम आगे की कार्रवाई में जुटी है।   


इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें